कोटा:गुर्जर समाज का पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में दिल्ली-मुबंई रेलवे ट्रैक पर महापड़ाव रविवार को तीसरे दिन भी जारी है। आंदोलन के चलते कोटा से दिल्ली-मुम्बई जाना परेशानी का सबब बन गया। दिल्ली-मुम्बई से जाने वाली 26 से अधिक ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है, वहीं 13 फरवरी तक 26 ट्रेनों को रद्द किया गया है। ट्रेनों को डायवर्ट करने के बाद अब अधिकतर ट्रेन आगरा कैंट-बीना-झांसी होते हुए जा रही है।

वहीं नैनवां में गुर्जरों ने कल से दूध की सप्लाई बंद करने का फैसला किया है। आंदोलन पर बात करते हुए प्रतापसिंह खाचरियावास ने मीडिया से बाचतीच करते हुए कहा कि हम लगातर इस बर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार गुर्जरों से बातचीत के लिए तैयार है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अगर विधेयक भी लाती है तो भी पूरा केस केंद्र सरकार के अधीन है। खाचरियावास ने कहा कि सरकार लगातार बातचीत की कोशिश में लगी हुई है, केंद्र चाहे तो गुर्जरों के आरक्षण का मसला सुलझा सकती है, सर्वण आरक्षण की तरह ही गुर्जक आरक्षण का भी रास्ता निकाला जा सकता है।

सीएम अशोक गहलोत भी आंदोलन के हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सीएम अभी दो दिन से दिल्ली दौरे पर हैं। उनका आज जयपुर लौटने का कार्यक्रम है। सीएम जयपुर पहुंचने के बाद गुर्जर आंदोलन को लेकर बैठक ले सकते हैं। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति से शनिवार को पहले दौर की वार्ता करके आए पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने भी सीएम को फोन पर फीडबैक दिया है। पर्यटन मंत्री सिंह आज फिर से नए सिरे से संघर्ष समिति से वार्ता करने की कोशिश में हैं।