वुहान:चीन में कोरोना वायरस (coronavirus) से हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है. अब तक इस खरतरनाक वायरस से अकेले चीन में एक हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को चीन से एक ही दिन में 108 लोगों ने कोरोना वायरस के चलते दम तोड़ दिया. कहा जा रहा है कि चीन (China) ने भले ही अब तक सिर्फ एक हज़ारा मौत के बारे में दुनिया को जानकारी दी हो, लेकिन ये आंकड़ा कई गुना ज्यादा हो सकता है. दरअसल चीन के वुहान शहर से डराने वाली सेटेलाइट तस्वीरें (Satellite Image) आई है, जिसमें देखा जा सकता है कि यहां आसमान में सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) की मात्रा काफी ज़्यादा है.

हर तरफ सल्फर डाइऑक्साइड गैस
वुहान चीन का वो शहर है, जहां कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मरीज़ मिले हैं. ब्रिटेन की वेबसाइट डेली मेल के मुताबिक, सेटेलाइट इमेज में देखा गया है कि वुहान के आसमान में सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा 1350 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर (µg/m3) है. ब्रिटेन में तो 500 µg/m3 के लेबल को बेहद खतरनाक माना जाता है. चीन के दूसरे शहर बीजिंग और शंघाई में भी सल्फर डाइऑक्साइड खतरनाक स्तर पर है.

खतरनाक स्तर पर SO2

क्या है वजह?
इतनी भारी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड दो वजह से हो सकती है. हो सकता है कि वहां भारी मात्रा में मेडिकल वेस्ट को जलाया जा रहा हो या फिर वहां मानव के शव जलाए जा रहे हों. शवों को जलाने के दौरान भारी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड गैस निकलती है. ऐसे में एक अमुमान के मुताबिक अकेले वुहान शहर में 10 हज़ार से ज्यादा लोगों को जलाया गया है. बता दें कि कोरोना वायरस के चलते वुहान शहर पूरी तरह से लॉक डाउन है. यहां करीब 10 लाख लोगों को निगरानी में रखा गया है.

मौते के आंकड़ों के अलग-अलग दावेपिछले दिनों ताइनवल की मीडिया ने चीन के जानलेवा कोरोना वायरस को लेकर बड़ा खुलासा किया था. चीन की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी टेनसेंट का एक डाटा लीक हुआ, जिसमें कोरोना वायरस से मौत के जो आंकड़े दिए गए थे वो काफी चौंकाने वाले थे. टेनसेंट के मुताबिक कोरोना वायरस से अब तक 24 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि चीन ये आंकड़ा सिर्फ एक हज़ार बता रहा है.