नई दिल्ली:अयोध्या में राममंदिर निर्माण पर सरकार ही नहीं संत समाज भी सक्रिय हो गया है। गाए बगाए वह कुछ न कुछ बयान देकर सुर्खियां बटोरने का काम तो कर ही रहा है। देशभर से जुटी संतों की धर्मसंसद में कई बातों का निर्णय हुआ जो भाजपा के लिए कहीं न कही चुनाव प्रचार में मददगार साबित हो सकता है। अखिल भारतीय संत समिति ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह कानून बनाकर राम मंदिर निर्माण का काम शुरू करे। साथ ही तमाम साधुओं ने अपील की है कि एक बार फिर से 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार को जिताएं। संतों का कहना है कि जिन लोगों की आस्था गाय, गंगा, गीता, गायत्री और गोविंद में है, उन्हें एक बार फिर से नरेंद्र मोदी सरकार को वोट देकर 2019 में सत्ता में लाना चाहिए।

बतादें संतों ने मौजूदा सरकार से उम्मीद जताई है कि वह उनकी मांगो को पूरा कर सकती है। इस सरकार के अलावा कोई भी सरकार उनकी मांगो को पूरा नहीं करेगी। समिति के मुखिया हंसदेवाचार्य ने कहा कि सिर्फ यही सरकार हमारी मांगों को पूरा कर सकती है। अपने देश भी बचाओ, अपनी संस्कृति भी बचाओ, और फिर से इस भारत के अंदर यही सरकार को 2019 में वापस लाओ, लाओ, लाओ, जय श्री राम। उनके इस उद्घोष के साथ ही हर किसी ने जय श्री राम का नारा लगाया।

वहीं श्री श्री ने कहा कि राम मंदिर निर्माण पर बात करते हुए कहा कि इसके तीन रास्ते हैं, पहला बातचीत के जरिए, दूसरा सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की अपील के जरिए और तीसरा सरकार मंदिर निर्माण को लेकर कानून बनाए। बतादें संत समिति ने तीन धर्म सभा का भी ऐलान किया है जो कि अयोध्दया, नागपुर और बेंगलुरू में होगी, जोकि 25 नवंबर को की जाएगी। साथ ही 9 दिसंबर को एक विशाल सम्मेलन भी दिल्ली में किया जाएगा। यह सम्मेलन 18 दिसंबर तक चलेगा। यही नहीं इस तरह की बैठक देशभर में 500 से अधिक आयोजित की जाएंगी।