जयपुर:कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के जयपुर दौरे से राजस्थान में परिवर्तन की बयार का आगाज होगा।कहना है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार करेगी और विधानसभा चुनाव का शंखनाद होगा।पायलट ने भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान गौरव यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश का प्रत्येक वर्ग सरकार के शासन में परेशान रहा है तो आखिर बीजेपी सरकार को किस बात पर गौरव हो रहा है। सचिन पायलट ने सीएम से सवाल पूछते हुए कहा कि अगर बीजेपी शासन में इतना ही विकास हुआ है तो क्यों सरकार कांग्रेस के सवालों के जवाब नहीं दे पा रही। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा के बाद प्रदेश कांग्रेस के नेता भी राजस्थान की यात्रा पर निकलेंगे।सचिन पायलट से इन तमाम मुद्दों को लेकर बातचीत की संवाददाता सुशान्त पारीक ने।

विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी की इस यात्रा के क्या मायने हैं?
देखिए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी पहली बार जयपुर आ रहे है। एक तरीके से राहुल गांधी की यात्रा राजस्थान कांग्रेस में चुनावी शंखनाद होगी। कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार होगा राहुल गांधी के लिए लीडरशिप में चुनाव लड़ा जा रहा है तो उनके आने से नए सिरे से चुनावी अभियान का आगाज होगा. राहुल गांधी का यह कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा।

क्या राहुल गांधी की यात्रा वसुंधरा राजे के राजस्थान का गौरव यात्रा का जवाब देने की कोशिश है?
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अब राजस्थान की यात्रा पर निकली हैऔर हम साढ़े चार साल से राजस्थान की यात्रा कर रहे हैं. और यही वजह है कि अब मुख्यमंत्री को यात्रा पर निकलना पड़ा. राहुल गांधी और वसुंधरा राजे की यात्रा की कोई तुलना नहीं है. राहुल गांधी राजस्थान में परिवर्तन की बयार का आगाज जयपुर से करेंगे. उसके बाद अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर भी कई जिलों के दौरे करेंगे. वसुंधरा सरकार राजस्थान की जनता को सुशासन देने में नाकामयाब रही है. तो सवाल यह है कि आखिर किस बात पर गर्व किया जा रहा है. जब प्रत्येक वर्ग परेशान हो तो सरकार को गौरव यात्रा नहीं बल्कि जवाबदेही यात्रा निकालनी चाहिए.

आप किसानों की आत्महत्या के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं क्या यह चुनावी रणनीति है?
देखिए यह शर्मनाक है कि राजस्थान में धरतीपुत्र की हालत दयनीय हो रही है. किसान आत्महत्या पर मजबूर है. नागौर में दलित और दिव्यांग किसान का मामला सबके सामने है. एक तरफ नीरव मोदी जैसे बिजनेसमैन लाखों करोड़ का फ्रॉड करके फरार हो रहे हैं. वहीं लोन के 80 हजार बकाया के लिए मंगलचंद नाम के इस किसान की कुर्की निकाल दी गई. मैंने उस परिवार से मुलाकात की है. लोन की बकाया 80 हजार की राशि कांग्रेस पार्टी ने चुकाई है, लेकिन यह मामला बताता है कि देश और राजस्थान में किस तरह से आर्थिक विषमता का माहौल है. जब किसान की शव यात्रा निकल रही हो ऐसे माहौल में राजस्थान गौरव यात्रा के कोई मायने नहीं है.

सीएम का आरोप है कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद अपने वादे भूल जाती है इसलिए जनता इस बार, एक बार कांग्रेस, एक बार बीजेपी की परंपरा को बदलने वाली है बीजेपी फिर से सत्ता में आ रही है?
देखिए भारतीय जनता पार्टी की जब सरकार बनी थी उन्होंने 611 वायदे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ. सरकार बनी तब एक लाख 40 हजार करोड़ का कर्ज था जो आज 2 लाख 50 हजार करोड़ का हो चुका है. सरकारी कंपनियों का दिवाला निकल चुका है. सरकारी स्कूलों को पब्लिक कंपनियों को दिया जा चुका है युवाओं के पास रोजगार नहीं है. जुमलेबाजी के तौर पर कोई भी बयान देना ठीक है लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है. सरकारी धन का दुरुपयोग कर बड़ी-बड़ी सभाएं की जा रही हैं तो हो सकता है कि जनता मुख्यमंत्री को उनको देखने आए लेकिन जब चुनाव में वोट डालने का समय आएगा तो जनता उसके लिए अभी से अपना मन बना चुकी है और इसकी बानगी उपचुनाव में हम देख चुके हैं.

आप जमीन से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं लेकिन बीजेपी मुख्यमंत्री कह रही हैं कि कांग्रेस कहीं भी मुकाबले में ही नहीं है?
लेकिन समझ में नहीं आ रहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पिछले सालों में एक भी प्रधानी का चुनाव नहीं जीता एक भी उपचुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाए. राजस्थान में जब भी उपचुनाव हुए भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हुआ तो आखिर किस आधार पर सीएम यह बात कह रही हैं। वैसे भी चुनाव में किसी भी पार्टी को गलतफहमी का शिकार नहीं होना चाहिए। जनता जनार्दन ही अपनी सरकार चुनती है इस बार जनता ने कांग्रेस को सत्ता में लाने का मन बना लिया।

भारतीय जनता पार्टी 180 का आंकड़ा कह रही है, आपने सीटें निर्धारित की है?
बीजेपी का 180 का आंकड़ा बेहद हास्यास्पद है।कांग्रेस ने कोई फिगर डिसाइड नहीं किया है लेकिन मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि अब तक का राजस्थान में कांग्रेस सबसे बड़ा बहुमत हासिल करने जा रही है. पिछले जितने भी सीटों के लिए रिकॉर्ड कांग्रेस के नाम रहे हैं इस बार टूट जाएंगे।

बीजेपी आरोप लगाती है क्योंकि उसके पास सीएम पद का कोई चेहरा नहीं है और यह चुनावी मुद्दा भी बनेगा?
राजस्थान की जनता से जुड़े बहुत मुद्दे हैं जिनको उठाने की जरूरत है। कांग्रेस में कभी सीएम पद का चेहरा घोषित करने की परंपरा नहीं रही है कुछ अपवाद को छोड़कर राजस्थान में भी यही परंपरा जारी रहेगी. राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा।जीत के बाद कांग्रेस का जो एक तरीका है उसी के आधार पर सीएम चुना जाता है। यह सबको पता है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने किस मजबूरी में वसुंधरा राजे को सीएम पद का चेहरा घोषित किया है।

अभी दिल्ली में आप की राहुल गांधी से मुलाकात हुई बंद कमरे में क्या बातचीत हुई है?
राहुल गांधी को हमने जयपुर आने के लिए इनवाइट किया था।उसी के संबंध में बातचीत हुई इसके अलावा राजस्थान चुनाव को लेकर फीडबैक दिया है।आने वाले दिनों में राजस्थान कांग्रेस किस तरीके से अपनी रणनीति बनाने जा रही है उस पर बातचीत हुई थी।

क्या राजस्थान कांग्रेस के मुखिया के नाते आप भी चुनावी यात्रा पर निकलने जा रहे हैं?
बिल्कुल चुनाव में यात्राएं बेहद जरूरी हैं।वैसे हमने मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत पूरे राजस्थान की यात्रा की है।लेकिन राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद राजस्थान कांग्रेस की यात्रा का कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है इसमें कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे।

आप 16 से 18 घंटे काम कर रहे हैं।बहुत सक्रिय हैं। कभी जयपुर कभी दिल्ली के बीच सफर करते हैं इस उर्जा का राज क्या है?
मुझसे ज्यादा मेहनत करने वाले लोग कांग्रेस पार्टी में हैं। मुझे राहुल गांधी ने मौका दिया है. वैसे भी किसी भी नेता के लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत जनता होती है।जनता का प्यार मुझे लगातार मिल रहा है और अब केवल एक ही टारगेट है।राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता में लाना. उसे हासिल किए बिना मैं ना रुकने वाला हूं न थकने वाला हूँ।