नई दिल्ली, रूस के उपभोक्ता सुरक्षा वॉचडॉग रोस्पोट्रे बनादजोर ने बीते पांच सालों में 23000 से ज्यादा वेबसाइटों की पहचान की है, जो आत्महत्या या 'कैसे आत्महत्या की जाए' की सामग्री को बढ़ावा दे रही हैं। इस समय भारत सहित दुनिया के कई देशों में खूनी खेल ब्लू व्हेल चैलेंज की वजह से लोग खुदकुशी कर रहे हैं। एक समाचार एजेंसी के अनुसार, रोस्पोट्रबनादजोर ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि एक नवंबर 2012 से रोस्पोट्रबनादजोर ने 25000 से ज्यादा वेबसाइटों की जांच की है। इनमें से 23700 के बारे में पाया है कि इनमें आत्महत्या करने के तरीके या आत्महत्या की जानकारी दी गई है, जो घातक है।

निगरानी समूह ने कहा है कि उसने किशोरों और बच्चों के बीच ऑनलाइन आत्महत्या को बढ़ावा देने वाले समूहों से जानकारी जुटाने के लिए कानून प्रवर्तन के साथ काम किया है। रूसी सांख्यिकी एजेंसी के अनुसार रूस में आत्महत्या एक बड़ा सामाजिक मुद्दा है। इसको हल करने के लिए प्रयासों को तेज किया है। बताते चलें कि ब्लू व्हेल चैलेंज गेम की वजह से सबसे पहले मुंबई में एक लड़के ने खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद से ही इस गेम की वजह से खुदकुशी की कई घटनाएं सामने आई हैं। केंद्र सरकार ने इस गेम पर बैन लगा दिया है। महिला और बाल विकास मंत्री ने सोशल मीडिया से इस चैलेंज को हटाने की अपील की है। ब्लू व्हेल चैलेंज एक ऐसा जाल है, जिसमे लोग आसानी से फंसते चले जाते हैं। यह गेम सोशल मीडिया पर खेला जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि स्मार्टफोन में ऐप इंस्टॉल करके भी यह खेला जा रहा है। इस गेम में कई सारे टास्क दिए जाते हैं। इसमें आखिरी टास्क सुसाइड का होता है। इससे सैकड़ों लोगों की मौत हुई है।