मुंबई:रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) 11 साल बाद फिर 100 अरब डॉलर की कंपनी बन गई। शेयर में 5% तेजी की वजह से इसका मार्केट कैप गुरुवार को 6.90 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा। 18 अक्टूबर 2007 को भी रिलायंस 100 अरब डॉलर का मार्केट कैप हासिल कर चुकी थी। उस वक्त डॉलर का मूल्य करीब 40 रुपए था। उस हिसाब से कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन उस वक्त करीब 4.11 लाख करोड़ रुपए था। अभी सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली भारतीय कंपनी टीसीएस है। उसका मार्केट वैल्यूएशन 7.55 लाख करोड़ रुपए है। रिलांयस अभी टीसीएस से 65,000 करोड़ रुपए पीछे है।

शेयर 52 हफ्ते के हाई पर : आरआईएल 5% उछाल के साथ बीएसई पर 1,091 और एनएसई पर 1,091.50 रुपए तक चढ़ा। इस साल यह 20% रिटर्न दे चुका है। एक जनवरी को शेयर का भाव 911 रुपए था। रिलायंस का वैल्यूएशन 41 साल में करीब 69,000 गुना बढ़ा है। 1977 में जब इसका आईपीओ आया, तब मार्केट कैप 10 करोड़ रुपए था। अब यह 6.90 लाख करोड़ रुपए है।

तीन महीने में दूसरी भारतीय कंपनी 100 अरब डॉलर क्लब में : टीसीएस की मार्केट वैल्यू भी 23 अप्रैल को 100 अरब डॉलर (6.60 लाख करोड़) पहुंच गई। टीसीएस इस एलीट क्लब में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय कंपनी और देश की पहली आईटी कंपनी बनी। अब रिलायंस दूसरी बार 100 अरब डॉलर क्लब में आई है।

रिलायंस का मुनाफा जनवरी-मार्च तिमाही में रिकॉर्ड स्तर पर : वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में प्रॉफिट 17.3 फीसदी बढ़कर 9,435 करोड़ रुपए हो गया। तिमाही आधार पर यह अब तक सबसे ज्यादा है। पिछले साल की इसी तिमाही (जनवरी-मार्च 2017) में मुनाफा 8,046 करोड़ रुपए था। जनवरी-मार्च 2018 में आय 39% बढ़कर 1,29,120 करोड़ रुपए रही।