जयपुर: शहर में एक हैवान पिता ने अपनी 16 साल की नाबालिग बेटी के साथ डरा-धमकाकर बार-बार दुष्कर्म किया। बेटी गर्भवती हुई तो जबरन गर्भपात करवा दिया। इतना ही नहीं मां ने बेटी के साथ हो रही ज्यादती का विरोध किया तो पिता ने लाठी से पीट-पीटकर पैर तोड़ डाले और घर से निकाल दिया।

मां-बेटी ने हिम्मत जुटाकर दर्ज कराया मामला
हिम्मत जुटाकर अब दुष्कर्म पीड़िता की मां ने अपने पति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस पिता को पकड़ने के लिए घर पहुंची तो वह फरार हो गया। आरोपी पिता बिहार का रहने वाला है। 

पिता की घिनौनी करतूत का पता चलने पर मां ने टोका तो पिता ने लाठी से पैर तोड़कर घर से निकाल दिया। आज तक पैर के पट्टा बंधा हुआ है, और हसनपुरा स्थित अपने पीहर आकर रहने लगी है। महिला के 8 बच्चे है। चार बच्चे पति के पास छोड़े और चार खुद के साथ पीहर ले आई। तब दुष्कर्म  की शिकार बेटी को जबरन पति ने अपने पास रोक लिया था। 

पुलिस के अनुसार जमवारामगढ़ रोड स्थित नाई की थड़ी क्षेत्र में रहने वाली सोलह वर्षीय पीड़ित किशोरी पिता के चंगुल से छूटकर सोडाला स्थित पीहर में रह रही मां के पास पहुंची। पीड़िता के अनुसार पिता किराए का मकान देखने के बहाने जंगल में ले जाकर या फिर घर पर चाय और दूध गर्म करने के बहाने रसोई में बुलाकर पिता दुष्कर्म कर रहा है। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पिता की करतूत से परेशान हो मां के पास आ गई।

किशोरी की मां बेटी को सामाजिक कार्यकर्ता शबाना खान, ज्योति नायर सहित अन्य लोगों के साथ सोमवार शाम सोडाला थाने पहुंचे। यहां से बड़ी चौपड़ स्थित महिला थाने पर भेज दिया। महिला थाना उत्तर ने चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन नंबर दिए और बात करने के लिए कहा। चाइल्ड लाइन बात करने पर गवर्नमेंट हॉस्टल के पास मिलने के लिए कहा। वहां पहुंचे तो बेटी को अपने साथ गांधी नगर बालिका गृह ले गए।

सोमवार शाम करीब चार बजे सामाजिक कार्यकर्ता, परिजन व बच्ची रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए सोडाला थाने पहुंच गए। पुलिस टरकाते हुए महिला थाना उत्तर भेज दिया। लेकिन देर रात मामला बढ़ा तो थाने से फोन करके वापस बुलाया और ऑटो से आमेर लेकर गए। थाने से दो पुलिसकर्मी भी साथ गए और ऑटो का किराया भी दिया।