नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग ने उन्नाव बलात्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को पत्र लिखा है. पत्र में विधायक द्वारा नाबालिग का बलात्कार करने और पुलिस हिरासत में पीड़ित के पिता की मौत का मुद्दा उठाया गया है. अभियुक्त विधायक को तुरंत गिरफ्तार करने और मामले में फास्ट ट्रैक ट्रायल छह माह में पूरा करने का निवेदन किया गया है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि पीड़ित पिछले एक साल से लगातार विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ बलात्कार की एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रही है, मगर पुलिस उसके अधिकारों का संरक्षण करने और विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करने में असफल रही है. उल्टा उसके परिवार को विधायक की शह पर पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है और धमकाया जा रहा है. इससे परेशान होकर पीड़ित और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री के घर के सामने आत्महत्या करने की कोशिश की. उनकी सहायता करने की जगह उसके पिता को ही हिरासत में ले लिया गया और पुलिस हिरासत में कथित रूप से पिटाई करने की वजह से उनकी मौत हो गई.
पत्र में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके शरीर पर 18 गंभीर चोटों के निशान थे और आंत फटने से उनकी मौत हो गई, जो पुलिस हिरासत में उन पर किए गए अत्याचारों की तस्दीक करती है.

उन्होंने लिखा है कि बढ़ते दबाव की वजह से पुलिस ने बलात्कार की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है मगर उसमें विधायक का नाम नहीं है. इस वजह से वह अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है और लगातार मीडिया में बयान देकर पीड़ित के चरित्र का हनन कर रहा है.