श्रीनगर / जम्मू: कठुआ में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में गिरफ्तार लोगों के समर्थन में एक रैली में शामिल होने वाले बीजेपी के दो मंत्री आज प्रदेश की पीडीपी - बीजेपी सरकार से बाहर हो गये और इस तरह से राज्य में पैदा हुआ राजनीतिक संकट फिलहाल थम गया है, घटनाक्रम से राहत महसूस कर रहीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हालात को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया और कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने राज्य और बाकी देश की जनता को एक साथ खड़ा किया है, 

उन्होंने कहा कि राज्य में न्याय की भावना मजबूत हुई है, उन्होंने केंद्र सरकार से यह आग्रह भी किया कि कश्मीर में उबाल की स्थिति को लेकर उसे सतर्क हो जाना चाहिए, गठबंधन के दोनों साझेदार दलों - बीजेपी और पीडीपी ने घटना को लेकर राज्य में बने हालात पर चर्चा करने के लिए श्रीनगर और जम्मू में विधायक दल की अलग अलग बैठक बुलाईं, इससे पहले इस सिलसिले में हिंदू एकता मंच के कुछ नेताओं को गिरफ्तार किया गया, 

शनिवार सुबह जम्मू पहुंचे बीजेपी महासचिव राम माधव ने पार्टी के नेताओं और विधायकों के साथ बैठक की जिसके बाद राज्य सरकार में बीजेपी के मंत्रियों लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गुप्ता के इस्तीफे मुख्यमंत्री को भेजने का फैसला किया गया,  दोनों मंत्रियों ने एक मार्च को एक रैली में भाग लिया था जो बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या की घटना के आरोपियों के समर्थन में हुई थी, रैली के बाद विवाद खड़ा हो गया था,

राम माधव ने कहा, '1 मार्च को कठुआ में भारी भीड़ जुटी थी और हमारे मंत्री वहां लोगों को शांत करने के लिए गए थे, एक गलतफहमी इस बीच हुई, उन्हें थोड़ा और सतर्क रहना चाहिए था, उनका उद्देश्य किसी भी तरह से जांच को प्रभावित करना नहीं था, उनपर रेपिस्टों का समर्थन करने का आरोप सही नहीं है,

पीडीपी नेताओं ने कहा कि बीजेपी ने इस्तीफे मुख्यमंत्री को भेज दिये जो इन्हें स्वीकार करने के लिए राज्यपाल एन एन वोहरा को भेजेंगीं, राम माधव ने कहा कि जांच प्रभावित करने का कोई प्रयास नहीं किया गया जैसा कि कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है,