जयपुर:कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने देश में सबसे पहले लॉकडाउन किया है. लेकिन आम जनता द्वारा लॉकडाउन के आदेश की पालना नहीं करने पर अब राजस्थान हाईकेार्ट ने नाराजगी जतायी है. हाईकोर्ट के अधिवक्ता शहबान नकवी की ओर से लिखे गये एक पत्र पर हाईकोर्ट ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया है. मुख्य नयायाधीश इन्द्रजीत महांति की खंडपीठ ने पत्र पर प्रसंज्ञान लेते हुए सरकार द्वारा किये गये लॉकडाउन के आदेश की पालना नहीं होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार को ओर सख्ती करने का आदेश दिया है.

मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ती और न्यायाधीश सतीश कुमार शर्मा ने आदेश में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने महामारी को नियंत्रित करने के लिए सराहनीय कदम उठाए हैं. लेकिन यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती है. सरकार इस लॉकडाउन के आदेश की पालना पूरी तरह से नहीं करवा पाई है. इस पर खण्डपीछ ने राज्य सरकार के लिए 7 बिदूओं पर निर्देश दिये है. इसके साथ ही खण्डपीठ ने वायरस से संक्रमित व्यक्तियों को डिस्चार्ज करने पर भी ऐतजरा जताते हुए इंडियन मेडीकल काउंसिल के डायरेक्टर को आदेश दिये है कि किसी भी संक्रमित व्यक्ति को तब तक डिस्चार्ज नही करें जब तक कि उसके ब्लड जांच में वायरस फ्री की रिपोर्ट नहीं आ जाए. हाईकोर्ट ने आदेश के एक प्रति राज्य के महाधिवक्ता और एडिशनल सॉलिस्टर जनरल को देने के आदेश दिये है. इसके साथ ही राज्य और केन्द्र सरकार को अब तक किये गये प्रयासों को लेकर शपथपत्र पेश करने के आदेश दिये है. मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी.

हाईकोर्ट ने इन 7 बिंदओ पर दिये निर्देश:
1 राज्य सरकार ये निश्चित करे कि राज्य के सभी विभाग महामारी को लेकर किये जा रहे कार्यो की प्रतिदिन की रिपोर्ट बनाए और आवश्यक दिशा निर्देश जारी करे.
2 सरकार के निर्देशो की सख्ती से पालना के लिए मल्टी टायर मेकेनिज्म तैयार करे जिससे छोटे से छोटे स्तर पर लीकेज ना हो.
3 राज्य में अच्छी क्वालिटी का मास्क और सेनेटाईजर प्रत्येक व्यक्ति तक सुगमता से पहुंचाया जा सके...ड्यूटी पर लगे व्यक्तियों को बिना मास्क् डय्टी नही करने दी जाये.
4 किसी भी प्रकार के सामुहिक आयोजन, कार्यक्रम या गेदरिंग की इजाजत नही दी जाये. आवश्यक होने पर अधिकारियो की इजाजत से ही किसी को इजाजत दी जाये लेकिन बिना मास्रूक के बाहर आने की इजाजत नही दी जाये.
5 किसी भी व्यक्ति को बिना मास्क के बाहर आने पर पाबंदी लगायी जाये. भले ही वह आवश्यक सामग्री के लिए क्यो ना बाहर आये.
6 महामारी को रोकने और लॉकडाउन की पालना के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए.
7 हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की डयूटी लगाने के भी आदेश दिये है जो महामारी को रोकने के लिए उठाए गये कदम की प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और सोशलमीडीया पर प्रचार प्रसार करने का कार्य करे और महामारी के समाप्त होने तक मॉनिटर करे.