जयपुर:किसी 'वायरस' के कारण पहली बार राजस्थान की विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित किया गया. कोरोना के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित की गई. विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने 26मार्च से बुलाये गये सत्र को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित करने के निर्देश जारी किये. विधानसभा के सचिव प्रमिल कुमार माथुर बैठक में मौजूद रहे.

संपूर्ण विपक्ष और सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों ने मांग की थी: 
वैसे कोरोना संकट के मद्देनजर लगातार विचार जारी था. लेकिन 26 मार्च को राज्यसभा चुनाव के तहत मतदान और सदन की कार्यवाही रखी गई थी. कुछ महत्वपूर्ण बिल भी रखे जाने थे. लेकिन जैसे ही राज्यसभा चुनाव टाले जाने का ऐलान चुनाव आयोग ने किया उसके बाद यह तय हो गया था विधानसभा का भावी सत्र भी स्थगित होगा. देश की सबसे बड़ी पंचायत में भी सत्र स्थगित किया चुका था. सदन के नेता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल से चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने 26 मार्च को होने वाली कार्यवाही स्थगित कर दी. इस बारे में संपूर्ण विपक्ष और सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों ने मांग की थी. 

सदन में सार्थक चर्चा देखने को मिली:
15वीं विधानसभा में 4 सत्र बुलाये गये, रिकॉर्ड 56 बार सदन में बैठकें आयोजित की गई. डॉ सीपी जोशी के नाम इस बार प्रश्नकाल के दौरान सर्वाधिक प्रश्न पूरे किये जाने का रिकॉर्ड भी बनाया. हंगामे की घटनाओं में रिकॉर्ड कमी और सदन में सार्थक चर्चा देखने को मिली. यह जरुर है कि स्पीकर डॉ सीपी जोशी को समय समय पर सख्त रवैया अपनाना पड़ा. 15 वीं विधानसभा शुरु हुई थी 2019 में 15जनवरी से, पहला सत्र चला 15 जनवरी-13फरवरी के बीच, दूसरा सत्र चला 27 जून से 5 अगस्त 2019 तक, तीसरा सत्र चला महज 2 दिन 28 और 29 नव.2019 को, चौथा सत्र 24जनवरी से 13 मार्च के बीच तक चला.