कोलंबो, श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने सप्ताह के अंत में स्थानीय निकाय चुनावों में अपने समर्थन वाली पार्टी की जीत के बाद मध्यावधि चुनावों का आव्हान किया है। राजपक्षे के समर्थन वाली पार्टी को मिली जीत, 3 साल पहले सत्ता में आई सुधारवादी सरकार के लिए एक बड़ा झटका है। मीडिया को सोमवार को राजपक्षे ने बताया कि सरकार शासन करने का जनादेश खो चुकी है और लोगों को नयी संसद चुनने का एक मौका दिया जाना चाहिए।

अनाधिकारिक परिणामों के अनुसार, राजपक्षे के समर्थन वाली श्रीलंका पीपुल्स फ्रंट ने स्थानीय निकाय चुनावों में 341 परिषदों में से 230 से अधिक परिषदों में जीत दर्ज की है। चुनाव शनिवार को हुए थे। वर्ष 2015 में राष्ट्रपति पद के चुनाव में हार चुके राजपक्षे ने कहा कि लोग उन्हें दोबारा सत्ता पर चाहते हैं क्योंकि सरकार ऐसे नए संविधान के बारे में सोच रही है जिसमें सत्ता में मूलनिवासी अल्पसंख्यक तमिलों की भागीदारी होगी और सभी सरकारी संपत्तियों को बेच दिया जाएगा।