यरूशलम:इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu, Prime Minister) के खिलाफ शनिवार शाम को सैकड़ों इजरायलियों ने यरूशलम स्थित उनके निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन (Protest In front Of Pm Residence)  किया. प्रदर्शनकारियों ने इजरायली प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप (Corruption Charges) लगाए गए हैं. शुक्रवार को सात प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगे होने के बावजूद पद पर बने रहने के खिलाफ एक छोटी सी रैली आयोजित की. यह प्रदर्शन तब और ज्यादा भड़क गया जब उन सातों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया और नजरबंद बना दिया गया. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर पकडे हुए थे जिसमें नेतन्याहू को 'अपराध मंत्री' बताया गया था. सातों बंदियों में से एक इजरायली वायु सेना का पूर्व जनरल था. शनिवार को इज़रायली पुलिस ने एक दिन पहले हुए विरोध प्रदर्शन को "अवैध"बताया क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को ब्लॉक कर दिया था.

सात नजरबंद प्रदर्शनकारियों में रिटायर बिग्रेडियर जनरल शामिल

इज़रायली मीडिया ने बताया कि सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जनरल आमिर हास्केल सहित तीन प्रदर्शनकारी पुलिस की रिहाई की शर्तों को मानने से इनकार करने के कारण और शनिवार के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की जिद पर अड़े रहने के कारण वे अभी भी हिरासत में है.

नेतन्याहू पर कोर्ट में चल रहे ये मामले

पिछले महीने नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, भरोसा तोड़ने और रिश्वत के आरोपों पर यरूशलम की अदालत में मुकदमा चलाया गया और अगले महीने भी यह सुनवाई जारी रहेगी. राजनीतिक गतिरोध के एक साल से अधिक समय के बाद नेतन्याहू की नई सरकार ने पिछले महीने पदभार संभाला था.

सत्ता के बंटवारे के एक सौदे के तहत नेतन्याहू को प्रधान मंत्री बने रहने की अनुमति दी गई. वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी बेनी गैंट्ज़ को रक्षा मंत्री और वैकल्पिक प्रधानमंत्री का नाम दिया गया. दोनों नेता 18 महीने के बाद पदों को अदलाबदली पर सहमत हुए हैं. कई विश्लेषकों को अभी भी इस बात की उम्मीद नहीं है कि यह सरकार लंबे समय तक चलेगी.