बूंदी, जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम,1986 के प्रावधानों एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बूंदी जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध चाईनीज मांझे एवं धातु मिश्रित मांझे के उपयोग से होने वाली घटनाओं को रोकने की दृष्टि से निषेधाज्ञा लागू की है।

इसके तहत कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक अथवा अन्य सिन्थेटिक धागे से बने मांझे/चाईनीज मांझे, हानिकारक जहरीले पदार्थों जैसे लोहा पाउडर,ग्लास पाउडर आदि से बने मांझे का निर्माण, भण्डारण, परिवहन, विक्रय एवं उपभोग नहीं करेगा। निषेधाज्ञा के दौरान सुबह 6 से 8 बजे तक एवं शाम 5 से शाम 7 बजे तक की अवधि के मध्य पतंग उडाया जाना प्रतिबंधित रहेगा। निषेधाज्ञा 31 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। आदेश की अवहेलना करेन पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत अभियोग चलाया जाएगा।

अवैध चाईनीज मांझे एवं धातु मिश्रित मांझे का विक्रय तथा तरह के मांझे के प्रयोग से आमजन के अलावा आकाश में विचरण करने वाले पक्षियों को गम्भीर क्षति होती है। इसके अलावा इन मांझो में प्रयुक्त किए जाने वाले पदार्थो से यह भी सम्भावित है कि विद्युत तारों के सम्पर्क में आने से अनेकों बार करंट की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे मानवीय क्षति हो सकती है।