अहमदाबाद:गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद हुई सभा में प्रियंका गांधी ने मंगलवार को पहली बार भाषण दिया। पार्टी का महासचिव बनने के बाद वे पहली बार सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल हुई थी। प्रियंका के भाषण और उनके अंदाज ने एकाएक कांग्रेस में सकारात्मक लहर फैला दी। 

दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि प्रियंका का ये भाषण पूरे दिन सोशल मीडिया में ट्रेंड पर रहा और खूब शेयर किया गया। सभा में प्रियंका ने जिस तरह लोगों का अभिवादन किया उससे उन लोगों की राय और मजबूत हुई है, जो प्रियंका में उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की छवि को देखते हैं। प्रियंका भाषण हुआ तो गुजरात में है, लेकिन इसकी गूंज पूरे देश में अब सुनाई दे रही है। इससे कांग्रेस कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं और ज्यादा जोश से लोकसभा चुनावों में पार्टी के लिए काम करने को उत्सुक हैं। यूं तो प्रियंका को केवल पूर्व का महासचिव बनाया गया है, लेकिन जिस तरह से उनकी मौजूदगी कार्यकर्ताओं को उत्साहित कर रही है, उससे लगता नहीं कि लोकसभा चुनावों में उनकी भूमिका सीमित रहेगी। खासकर हिन्दी पटृी वाले राज्यों में तो उनकी डिमांड काफी समय से है। 

राजस्थान के परिपेक्ष्य में देखा जाए तो भी प्रियंका गांधी कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाली हैं। वैसे राजस्थान के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री के लिए हुई रस्साकशी को खत्म करवाने में प्रियंका की भी अहम भूमिका रही थी। उन्होंने तब अशोक गहलोत और सचिन पायलट से अलग—अलग बात भी की थी और राहुल गांधी को मुख्यमंत्री चुनने में सुझाव भी दिया था। प्रियंका के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों से ही अच्छे संबंध हैं। ऐसे में राजस्थान की सीटों पर अगर प्रियंका प्रचार करने आती हैं तो ये कांग्रेस के लिए बेहतर होगा। इसकी वजह भी साफ है, प्रियंका शहरी वोटरों के साथ तालमेल स्थापित कर लेती हैं, वहीं ग्रामीण वोटरों के साथ उनकी सहजता जगजाहिर है। 

दिसम्बर में हुए राजस्थान के चुनावों में कांग्रेस को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़त भी मिली थी। प्रियंका के भाषण के बाद राजस्थान के कांग्रेस नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं सकारात्मक आत्मविश्वास से लबरेज हैं। इसकी बानगी जयपुर में सहित पूरे प्रदेश में देखने को मिल रही है। बीती दोपहर से लेकर बुधवार सुबह तक हर चुनावी चर्चा में प्रियंका के भाषण का जिक्र था। जो लोग कांग्रेस के समर्थक नहीं हैं वे भी दबी जुबान में प्रियंका की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं। खैर, चुनावों जीत ही सबकुछ होती है, वो बेहतर तैयारी करने वाली टीम ही जीतती है और कांग्रेस की तैयारी इस बार बेहतर नजर आ रही है।