नई दिल्ली:बीते 6 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जारी बढ़ोत्तरी के बाद सातवें दिन भी यानी आज भी देश में पेट्रोल और डीलज के दाम बढ़ाए गए हैं। ताजा अपडेट के मुताबिक, 12 जुलाई को देश के चारों महानगरों में पेट्रोल के दाम 6 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं, जबकि डीजल के 7 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए है। इस वृद्घि के बाद दिल्ली में पेट्रोल के लिए आपको 76.59 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से देने होंगे। वहीं कोलकाता में पेट्रोल के दाम 79.26 रुपए प्रति लीटर हो चुके हैं। बात मुंबई की करें तो पेट्रोल के लिए आपको 83.97 रुपए प्रति लीटर देने होंगे। वहीं चेन्नई में सबसे 79.49 रुपए प्रति लीटर कीमत होगी।

डीजल के लिए देने होंगे इतने रुपए...
वहीं डीजल में देश के सभी महानगरों में 7 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई। दिल्ली में आपको डीजल के लिए 68.30 रुपए प्रति लीटर चुकाने होंगे। वहीं कोलकाता में आपको 70.85 रुपए प्रति लीटर कीमत देनी होगी। कुछ ऐसा ही मुंबई में भी देखने को मिलेगा। मुंबई में आपको डीजल के लिए 72.47 रुपए प्रति लीटर देने होंगे। वहीं चेन्नई में डीजल के लिए आपको 72.10 रुपए प्रति लीटर की चुकानी होगी।

अब तक इतने बढ़ चुके हैं दाम...
गुरुवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्घि होने से 4 जुलाई से अब तक पेट्रोल के दामों में एक रुपए से अधिक प्रति लीटर की वृद्घि देखने को मिल चुकी है। वहीं डीजल में 98 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। जहां दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 1.04 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 92 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी देखने को मिली। वहीं कोलकाता में पेट्रोल में 1.03 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 92 पैसे प्रति लीटर की वृद्घि हो चुकी है। वहीं बात मुंबई की करें तो पेट्रोल 1.03 रुपए प्रति लीटर और डीजल 98 पैसे प्रति लीटर बढ़ चुका है। चेन्नई में पेट्रोल में 1.09 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 98 पैसे प्रति लीटर तक दाम बढ़ चुके हैं। भारत में तेल की कीमतों का निर्धारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव से तय होता है।

पिछले महीने तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक की ओर से तेल की आपूर्ति रोजाना 10 लाख बैरल करने के फैसले के बाद उम्मीद जगी थी कि तेल के दाम में कमी आएगी. मगर, शुरुआत में वैश्विक बाजार ओपके के फैसले को लेकर असमंजस में था, इसलिए फैसले के तुरंत बाद उम्मीद के विपरीत कच्चे तेल में तेजी दर्ज की गई। उसके बाद अमेरिका द्वारा तेल आयातक देशों पर ईरान से तेल नहीं खरीदने के लिए दबाव बनाने से तेल का दाम ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।