न्यूयॉर्क:स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के गलत फोटो से डाक टिकट बनाने पर फेडरल कोर्ट ने कॉपीराइट एक्ट के तहत अमेरिकी डाक विभाग पर 35 लाख डॉलर (करीब 24 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। डाक विभाग ने यह टिकट 2011 में बनाया था। इसके लिए फोटो इंटरनेट से निकाली गई थी।

इस नकली फोटो को लास वेगास में रहने वाले मूर्तिकार रॉबर्ट डेविडसन ने पहचाना। दरअसल, यह तस्वीर लेडी लिबर्टी की रेप्लिका (नकल) की थी और यह मूर्ति उन्होंने ही बनाई थी। डेविडसन ने बताया कि उन्हें इस डाक टिकट के बारे में 2013 में पता चला। ऐसे में उन्होंने अपनी बनाई मूर्ति की तस्वीर उनकी बगैर इजाजत के इस्तेमाल करने का केस दर्ज कराया। फेडरल कोर्ट ने उनकी याचिका मंजूर की और अमेरिकी डाक विभाग पर जुर्माना देने का आदेश दिया।

यह अंतर है दोनों मूर्तियों में:असली स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 46 मीटर है, जबकि रेप्लिका इसकी आधी है। असली मूर्ति तांबे से बनी है, जबकि नकली मूर्ति मिट्‌टी, एक्रेलिक कोटिंग और फोम से बनाई गई है। मूर्तिकार रॉबर्ट डेविडसन ने इसका चेहरा अपनी सास के चेहरे की तरह बनाया था।