जयपुर:लोकसभा चुनावों को लेकर जहां सभी राजनीतिक दल कवायदों में जुटे हैं, वहीं अब नेतागण भी अपनी अपनी जमीं तलाशने लगे हैं। इसी बीच आज राजस्थान के डिप्टी सीएम  एवं पीसीसी चीफ सचिन पायलट के एक बयान से सूबे में सियासी हलचल को तेज कर दिया है। पायलट ने आज अपने बयान में वंशवाद की परम्परा को रोकने और आम कार्यकर्ताओं को आगे आने का मौका दिए जाने की बात कही है।

डिप्टी सीएम एवं पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने आज लोकसभा चुनावों में उनकी मां रमा पायलट के चुनाव लड़ने की चर्चाओं को खारिज किया है। पायलट ने कहा कि मेरे परिवार से कोई भी व्यक्ति लोकसभा का चुनाव लड़ने नहीं जा रहा है। पार्टी ने मुझे इतना बड़ा पद दिया है, उसके बावजूद अगर मैं टिकट के लिए अपने परिवार की पैरवी करूंगा तो फिर पार्टी के आम एवं जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का क्या होगा। कांग्रेस में रिश्तेदारों को टिकट देने का मसले पर पायलट ने कहा कि यह मसला भी आलाकमान के पास विचाराधीन है।

बहरहाल, ऐसे मेंं टिकटों की घोषणा होने से पूर्व ही सामने आए पायलट के इस बयान को लेकर सूबे में सियासी हलचल खासी तेज होती हुई नजर आ रही है। साथ ही पायलट के इस बयान से राजनीतिक प्रेक्षक हैरान कि आखिर पायलट के मन में क्या है? हालांकि पायलट के इस बयान को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का उत्साह परवान पर दिखाई देने लगा है। पायलट के बयान को पार्टी के कार्यकर्ता अपना सम्मान किए जाने व उनकी भावनाओं का ध्यान रखा जाना बता रहे हैं।