दलित मुद्दे पर निशाने पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा सियासी पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आंबेडकर को अपमानित करने वाले और उनका नाम इतिहास से मिटाने के लिए सारी शक्ति लगाने वाली कांग्रेस उस सरकार से सवाल कर रही है, जिसने अपनी नीतियों-योजनाओं के माध्यम से भेदभाव और सामाजिक असंतुलन को दूर किया है। पीएम ने दलितों-पिछड़ों के अधिकारों के प्रति रत्ती भर भी समझौता न करने की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी सरकार कांग्रेस की लटकाने-भटकाने वाली कार्यसंस्कृति से देश को मुक्त कर भेदभाव रहित न्यू इंडिया के निर्माण में जुटी है। अंबेडकर के अंतिम दिनों के निवास स्थान 26 अलीपुर रोड को देश को समर्पित करने के बाद पीएम ने खासतौर से कांग्रेस को निशाने पर लिया और उस पर दलितों-पिछड़ों को अधिकार देने की राह में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया। उनकी सरकार ने एससी-एसटी एक्ट को मजबूत बनाया। इसमें शामिल 22 अपराधों की संख्या 47 कर दी। मगर जिस कांग्रेस ने बाबा साहेब को अपमानित किया। इतिहास से नाम मिटाने के लिए सारी ताकत लगाई। इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। भारत रत्न के लायक नहीं समझा। जिसने संविधान निर्माता के चित्र को भी संसद भवन में जगह नहीं दी। वही कांग्रेस सरकार से सवाल कर रही है। 

पीएम ने कहा कि सरकार अति पिछड़ों को बाबा साहेब के सपने के अनुरूप ही आरक्षण का लाभ देना चाहती है। उपश्रेणी बनाने के लिए सरकार ने आयोग का गठन किया है। 60 साल तक कांग्रेस ने इस दिशा में कुछ नहीं किया। यह सरकार ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना चाहती है, मगर कांग्रेस इससे संबंधिएत बिल को पारित नहीं होने देना चाहती।  

पीएम ने कहा कि यह सरकार ने अपनी नीतियों-योजनाओं के माध्यम से सामजिक असंतुलन और भेदभाव को खत्म किया है। उज्जवला योजना के जरिए वंचित वर्ग को गैस कनेक्शन मिल रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत इस वर्ग को 5 लाख के हेल्थ इंश्योरेंस की व्यवस्था की गई है। सौभाग्य योजना के तहत 4 करोड़ वंचित परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया गया। आजादी के बाद अंधेरे में डूबे गांव में बिजली दी गई। पहली बार सभी लोगों को बैंक अकाउंट मिला। यही नीतियां और योजना भेदभाव और सामाजिक असंतुलन रहित न्यू इंडिया का निर्माण कर रही है।