मुंबई  : हाईकोर्ट के जस्टिस एसजे कथावाला के कोर्ट रूम नंबर 20 में पिछले एक हफ्ते से आधी-आधी रात तक काम चल रहा था, लेकिन कल सुबह सामान्य समय में शुरू हुआ उनका कोर्ट आज अल सुबह 3:30 बजे तक चलता रहा।

- उन्होंने कल  सुबह से 135 से ज्यादा मामलों की सुनवाई की, इनमें से 70 अनिवार्य मामले थे।

सिर्फ 20 मिनट का लिए ब्रेक

- जस्टिस कथावाला के कोर्ट में मौजूद रहे एडवोकेट हिरेन कमोद ने कहा, "काम के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण अनुसरणीय है। मैं सुबह साढ़े तीन बजे कोर्ट से निकलने वाले आखिरी तीन लोगों में से एक था। उन्होंने सिर्फ 20 मिनट का ब्रेक लिया। वह बिना थके कोर्ट में बैठे रहे और हर तर्क को बेहद ध्यान से सुनते रहे। यह सराहनीय है।"

- आगे एडवोकेट हिरेन ने बताया,"कोर्ट वकीलों, कोर्ट कर्मचारियों और वादियों से भरा हुआ था। मामले अर्जेंट बेसिस पर निबटाए जा रहे थे इसलिए किसी ने इसकी शिकायत नहीं की।"

- कमोद ने आगे कहा कि ज्यादातर वकील और वादी मध्यस्थता, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और व्यावसायिक मामलों की सुनवाई के लिए कोर्ट में मौजूद थे।

2009 में नियुक्त हुए थे एडिशनल जज

- जस्टिस कथावाला ने 2009 में हाईकोर्ट के एडिशनल जज के रूप में शपथ ली थी और जुलाई 2011 में वह कोर्ट में स्थायी जज के रूप में नियुक्त हुए। काम के प्रति उनकी निष्ठा की ज्यादातर लोग तारीफ करते हैं।

कई बार चेंबर में सुनाते हैं फैसला

- जज कथावाला के साथ सात साल तक उनके सेक्रेटरी के रूप में काम कर चुके केपीपी नायर का कहना है, "मैंने 15 जजों के साथ काम किया है, लेकिन कोई भी कथावाला की ऊर्जा की बराबरी नहीं कर सकता। वह छोटे मामलों पर फैसला कोर्ट में ही सुना देते हैं और बड़े मामलों को वह अपने चेम्बर में डिक्टेट करते हैं। मैं डिक्टेशन के लिए रविवार को भी उनके घर जा चुका हूं।"