इस्लामाबाद. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था (Econom Of  Pakistan) की खराब हालत के किस्से दुनिया भर के मीडिया की सुर्खियां बनती रहीं. कर्ज में पाकिस्तान के डूबे होने के चर्चे आम होते रहे लेकिन अब एक ऐसी खबर आई है जिसके बाद से सबकी आंखें खुली की खुली रह गई. पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार (Remittance) में बढ़ोतरी की खबर आई है. चीन, भारत, अमेरिका, फ्रांस, रूस जैसे बड़े देशों की अर्थव्यवस्था के संकट में होने की बातें सामने आई लेकिन लंबे वक्त से आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan PM Imran Khan) ने अपनी जनता को एक अच्छी खबर देकर दुनिया को चौंका दिया.
विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों ने भेजे पैसे
पीएम इमरान खान के मुताबिक  को सितंबर में विदेशों में रह रहे लोगों ने अपने घर वालों को करीब 2.3 अरब डॉलर भेजे. इस वजह से अब पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले साल की तुलना में इस साल 31 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं आर्थिक संकट के बीच भी पाकिस्तान का विदेश मुद्रा भंडार अच्छी स्थिति में पहुंच गया. इसमें ज्यादातर पैसा दुबई और यूएई से आया है. वहीं जून, जुलाई और अगस्त में भी दो अरब डॉलर से ज्यादा विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों ने अपने घर वालों को भेजे थे.
 

दुनिया के साथ साथ आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान के लोग जो विदेशों में रह रहे हैं, उन्होंने अपने पीछे वतन में रह रहे लोगों को ज्यादा पैसे भेजे ताकि उन्हें किसी प्रकार कोई परेशानी ना हो. सरकार के मुताबिक आजादी के बाद से पहली बार एक महीने में इतना ज्यादा पैसा विदेश से आया है. अगर पिछले साल सितंबर से तुलना करें तो इस बार का कलेक्शन 31 फीसदी ज्यादा है. वहीं अगस्त के रेमिटेंस से ये 9 प्रतिशत ज्यादा है। विदेशी मुद्रा भंडार में एतिहासिक बढ़त के बाद पीएम इमरान खान ने ट्विटर पर लिखा कि कोरोना के कहर के बावजूद हमारे लिए अच्छी खबर है. अलहमदुलिल्लाह हमारे मेहनती विदेश में रह रहे भाइयों की मदद से सितंबर में रेमिटेंस 2.3 बिलियन डॉलर आया। आने वाले दिनों में भी ये बढ़त जारी रहेगी.