नई दिल्ली:मोदी सरकार के स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम के बारे में देश के 70% युवाओं को जानकारी ही नहीं है। करीब 76% युवाओं ने कभी किसी स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम के लिए नामांकन नहीं किया। थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की यंग इंडिया एंड वर्क रिपोर्ट में यह सामने आया है।

सिर्फ 19% महिलाओं ने स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम में नामांकन किया
पंद्रह से तीस साल उम्र के करीब 6,000 युवाओं पर यह सर्वे किया गया। उनसे शिक्षा, रोजगार और महत्वाकांक्षाओं से जुड़े सवाल किए गए। सर्वे में सामने आया कि युवाओं का सरकार और इंडस्ट्री के साथ तालमेल नहीं है। सर्वे के मुताबिक 19% महिलाएं और 26% पुरुष किसी ना किसी स्किल डवलपमेंट स्कीम में नामांकन कर चुके हैं। महिलाओं का कहना है कि समय की कमी की वजह से वो ऐसे कार्यक्रमों में एनरोल नहीं कर पातीं।

गाइडेंस की कमी महसूस करते हैं 51% यूथ
सर्वे में सामने आया है कि करीब 51% युवा अपनी स्किल के मुताबिक जॉब चुनने में प्रोफेशनल गाइडेंस की कमी महसूस करते हैं। करीब 34% युवा ऐसे हैं जिनके पास ना तो रोजगार है और ना ही पढ़ रहे हैं। देश के 86% युवा जरूरी स्किल्स में बदलाव के प्रति सामान्य रूप से तैयार होते हैं। 39% युवा यह महसूस करते हैं कि वो अपनी पसंद के रोजगार के लिए अच्छी तरह तैयार हैं। 16% को लगता है कि वो तैयार नहीं हैं।

पसंद की नौकरी के लिए 96% युवा उच्च शिक्षा को जरूरी मानते हैं
युवाओं के लिए उच्च शिक्षा काफी मायने रखती है। वो नई स्किल सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं। सर्वे के मुताबिक 96% यूथ उम्मीद करते हैं कि वो बेचलर या इससे ऊंची डिग्री हासिल कर लेंगे। 84 फीसदी का मानना है कि यूजी या पीजी की डिग्री पसंद की नौकरी के लिए जरूरी है।

ज्यादातर युवा स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम में औसत समय, कंपेन्सेशन और सर्टिफिकेशन को महत्व देते हैं। इसके साथ ही वो ऑनलाइन के साथ क्लासरूम कंन्टेंट को भी बेहतर मानते हैं। स्किल डवलपमेंट के मौके उपलब्ध करवाने में युवा सरकारी सेक्टर को आदर्श मानते हैं। पीपीपी के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रम उनकी दूसरी पसंद है। स्किल इंडिया इनिशिएटिव के तहत सरकार साल 2022 तक 40 करोड़ लोगों को प्रशिक्षण देना चाहती है। इसके लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसी स्कीम चलाई जा रही हैं।