नई दिल्ली, श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के लिए रविवार को टीम इंडिया का चयन होना है। ऐसे में टीम इंडिया में कई बड़े बदलाव होते दिख सकते हैं। 2019 विश्वकप की तैयारियों के लिए टीम के पास केवल 2 साल का वक्त बाकी है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में चयनकर्ता कुछ नए खिलाड़ियों को आजमा सकती है। या उन खिलाड़ियों को मौका दे सकती है जो विश्वकप की टीम में अनुभव और योग्यता के आधार पर जगह पा सकते हैं।

ऐसे में कर्नाटक के प्रतिभावान बल्लेबाज मनीष पांडे की श्रीलंका के खिलाफ आगामी एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारत की सीमित ओवरों की टीम में वापसी की संभावना है। वहीं अनुभवी युवराज सिंह के पास अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को पटरी पर लाने का यह अंतिम मौका साबित हो सकता है। वहीं श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने वाले अजिंक्य रहाणे को लेकर चयनकर्ताओं का रूख क्या रहता है यह भी देखना भी रोचक होगा।

वहीं कप्तान विराट कोहली ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आराम नहीं चाहते जिसके बाद बल्लेबाजी समूह में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। चैंपियंस ट्राफी में शिखर धवन शीर्ष स्कोरर रहे थे जबकि लोकेश राहुल को सभी प्रारूपों का खिलाड़ी माना जाता है और उन्होंने तीनों प्रारूपों में शतक जड़े हैं। रोहित शर्मा का टीम में जगह बनाना लगभग तय है लेकिन यह देखना होगा कि पूरी तरह फिट और फार्म में होने के बावजूद चयनकर्ता राहुल को आराम देते हैं या नहीं।

चयनकर्ता हालांकि अगर युवराज को बरकार रखने का फैसला करते हैं तो वेस्टइंडीज में मैन आफ द सीरीज रहाणे और सीमित मौकों पर ठीक ठाक प्रदर्शन करने वाले दिन दिनेश कार्तिक दोनों को टीम से बाहर किया जा सकता है। रोहित, पांडे और राहुल के टीम से बाहर होने पर रहाणे और कार्तिक को टीम में शामिल किया गया था। लेकिन रहाणे को बाहर करने का निर्णय लेना चयनकर्ताओं के लिए आसान नहीं होगा।

टीम में युवराज सिंह के स्थान पर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं लेकिन अपने पिछले सात एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में बल्ले से और क्षेत्ररक्षण में खराब प्रदर्शन के बावजूद उन्हें कप्तान कोहली का समर्थन हासिल है। इन मैचों में युवराज सिर्फ 162 रन बना पाए और उन्हें सिर्फ एक बार गेंदबाजी सौंपी गई। ऐसे में युवराज के चयन पर खतरे की तलवार लटक रही है।

पांडे चैंपियंस ट्राफी की टीम का हिस्सा थे लेकिन आईपीएल के दौरान लगी चोट के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में ए टीमों के टूर्नामेंट में वापसी के दौरान भारत ए की अगुआई करते हुए 307 रन बनाए और पांच मैचों में सिर्फ एक बार आउट हुए। अनुभवी सुरेश रैना ने भी नीदरलैंड में दो महीने अपनी फिटनेस पर काम किया है। वह चैंपियंस ट्राफी में स्टैंड बाई थे और टीम में स्थान के दावेदार हैं। उन्होंने हालांकि 2015 से कोई एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है।

एक पक्ष का यह भी मानना है कि 2019 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवराज और रैना को अपनी उपयोगिता साबित करने का अंतिम मौका देना चाहिए। सुरेश रैना को एक मौका मिल सकता है। वो टी-20 टीम का नियमित हिस्सा रहे हैं। ऐसे में उनके टीम में आने से अनुभव के साथ-साथ टीम की फील्डिंग भी मजबूत होती है। अंतिम ओवरों में रैना टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होते हैं। वो कई बार गेंद से भी टीम के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

यार्कर विशेषज्ञ जसप्रीत बुमराह, मध्य क्रम के बल्लेबाज केदार जाधव और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टीम में बने रहेंगे। तीनों चैंपियंस ट्रॉफी और वस्टइंडीज दौरे की टीम में शामिल थे। गेंदबाजी विभाग में बदलाव दिख सकते हैं क्योंकि रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी को आराम दिए जाने की संभावना है। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल को सौंपी जा सकती है।