नई दिल्ली, पेट्रोल तथा डीजल के साथ सब्जियों की ऊँची कीमतों के कारण जनवरी में भी खुदरा महँगाई में ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है। जनवरी के खुदरा महँगाई के आँकड़े आज जारी होने हैं। इससे पहले दिसंबर में लगातार तीसरे महीने बढ़ते हुये खुदरा महँगाई की दर 17 महीने के उच्चतम स्तर 5.21 प्रतिशत पर रही थी। जनवरी में डीजल की कीमतों के लगातार रिकॉर्ड स्तर पर रहने तथा पेट्रोल के अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने से मुद्रास्फीति पर दबाव है। खुदरा महँगाई के आधिकारिक आँकड़े में ईंधन एवं बिजली क्षेत्र का भारांक 7.94 प्रतिशत है।

रिजर्व बैंक ने 07 फरवरी को द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बयान में महँगाई पर चिंता जताई थी। उसने कहा था कि आम तौर पर दिसंबर में सब्जियों की कीमतों में जितनी कमी होती है इस बार उतनी गिरावट नहीं हुई। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद आवास भत्ते में हुई बढ़ोतरी का असर महँगाई दर पर जनवरी में भी बरकरार रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दालों और अनाजों की कीमतों की महँगाई दर में कुछ गिरावट जरूर आ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मुद्रास्फीति की दर में यदि गिरावट आती भी है तो वह बहुत ज्यादा नहीं होगी। इससे जनवरी में भी खुदरा महँगाई के पाँच प्रतिशत से ऊपर बने रहने की संभावना है।