सोल (उत्तर कोरिया).उत्तर कोरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंध को हटाने के लिए अमेरिका तैयार हो गया है। यह दावा उत्तर कोरिया के मीडिया ने बुधवार को किया। मीडिया के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रम्प  ने प्रतिबंध हटाने पर सहमति दे दी है। वैसे, वॉशिंगटन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, मंगलवार को सिंगापुर में ट्रम्प और तानाशाह किम जोन-उन के बीच समिट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उत्तर कोरिया जब तक एटमी हथियार खत्म नहीं करता, तब तक उस पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। बता दें कि ट्रम्प और किम के बीच करीब 90 मिनट बातचीत चली थी।

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच हुए 4 समझौते

-71 साल के ट्रम्प ने 34 साल के किम को परमाणु हथियार पूरी तरह खत्म करने पर राजी कर लिया। ट्रम्प ने बदले में सुरक्षा की गारंटी दी।

1.अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच शांति और सौहार्द्र के लिए प्रयास किए जाएंगे।

2.उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म कर देगा। अमल के लिए दोनों देश फॉलोअप बातचीत करेंगे। अमेरिका की तरफ से माइक पोम्पियो इसमें शामिल रहेंगे।

3. युद्ध बंदी और सैन्य कार्रवाई के दौरान गायब लोग एक-दूसरे को वापस सौंपे जाएंगे।

4.अमेरिका ने उ. कोरिया को सुरक्षा का भरोसा दिया है। द. कोरिया के साथ संयुक्त युद्ध अभ्यास खर्चीला बताकर रद्द कर दिया। ट्रम्प इस मुद्दे पर अगले हफ्ते चर्चा करेंगे।

-हालांकि, उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार खत्म करने की बात कही। लेकिन, यह साफ नहीं किया कि हथियार कैसे और कब तक खत्म किए जाएंगे।

ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुनिया भर के मीडिया को इस मुलाकात के मायने बताए

- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग से मुलाकात के बाद दोबारा अकेले प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

सवाल: मुलाकात के बाद अब अमेरिका, उत्तर कोरिया को लेकर क्या करेगा..?
ट्रम्प: किम ने पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया है। हमें एक-दूसरे पर भरोसा है। हालांकि उ. कोरिया जब तक परमाणु निरस्त्रीकरण नहीं करता, तब तक उस पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। वहां तैनात अमेरिकी सैनिक अभी नहीं बुलाए जाएंगे। पर अमेरिका कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य अभ्यास नहीं करेगा। मैं उ. कोरिया जाने की योजना बनाऊंगा। किम को भी मैं व्हाइट हाउस बुलाऊंगा।

सवाल: उत्तर कोरिया कितने दिनों में अपने परमाणु हथियारों को खत्म करेगा..?
ट्रम्प: इसमें अभी लंबा वक्त लगेगा। उत्तर कोरिया ने हमसे पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया है। इसके बदले में अमेरिका ने भी कोरियाई देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है।

सवाल: कैसे पता चलेगा कि उत्तर कोरिया ने निरस्त्रीकरण शुरू कर दिया है..?
ट्रम्प: किम के साथ निरस्त्रीकरण के सत्यापन को लेकर भी चर्चा हुई। इसके सत्यापन के लिए एक टीम होगी, जिसमें अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय अधिकारी शामिल होंगे। किम ने अपनी मेजर मिसाइल इंजन टेस्टिंग साइट ध्वस्त करने पर सहमति जताई है।

सवाल: इस पहल से कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की स्थापना कैसे होगी.?
ट्रम्प:शांति की शुरुआत हो गई है। मुझे उ. कोरिया का उज्जवल भविष्य दिख रहा है। किम इस शांति की पहल को आगे बढ़ाएंगे। उम्मीद है कि वह अपने वादे पर बने रहेंगे। युद्ध तो कोई भी कर सकता है, पर शांति के लिए साहस चाहिए। दोनों देशों में अगले हफ्ते से बातचीत शुरू होगी।


सवाल: इस पहल से कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की स्थापना कैसे होगी.?
ट्रम्प:इस बातचीत से क्या कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध का खात्मा हो जाएगा..? किम ने अपने नागरिकों के सुनहरे भविष्य के लिए बोल्ड स्टेप लिया है। मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं। करीब 70 साल पहले खूनी संघर्ष (कोरियाई युद्ध) हुआ था। अब इस युद्ध का खात्मा होगा। हम कोरियाई प्रायद्वीप से अमेरिकी सैनिकों को घर लाना चाहते हैं, पर अभी इस पर बात नहीं हुई है। लेकिन हम युद्ध का खेल बंद करेंगे।

सवाल: मानवाधिकार उल्लंघन पर आप की किम जोंग के साथ क्या बात हुई..?
ट्रम्प: हम नए इतिहास को लिखने और नए अध्याय की शुरुआत के लिए तैयार हैं। अमेरिकी स्टूडेंट ओट्टो वार्मबायर के संदर्भ में उत्तर कोरिया ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया। पर ओट्टो की मौत व्यर्थ नहीं गई। ओट्टो के बिना यह सब नहीं हो पाता। मैंने युद्ध बंदियों और मानवाधिकारों को लेकर किम के साथ बात की है।

सवाल: तो यह माना जाए कि दोनों देश युद्ध की धमकी एक-दूसरे को नहीं देंगे..?
ट्रम्प: हम वार गेम्स को बंद कर देंगे, जिससे हमारा काफी पैसा भी बचेगा। किम भी वार गेम्स को रोकने पर सहमत हुए, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह काफी भड़काऊ है। बातचीत ही दोनों देशों के लोगों के भविष्य के लिए बेहतर है। मैं इस बातचीत का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। इसके लिए पिछले 25 घंटे में मैं ठीक तरह से नींद तक नहीं ले सका।

उत्तर कोरिया पर 1992 में शुरुआत हुई थी प्रतिबंध की
- उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाने की शुरुआत अमेरिका ने 1992 में और यूएन ने 2006 में की थी। 
- शुरुआत में प्रतिबंध ज्यादा सख्त नहीं थे और केवल परमाणु तकनीक, परमाणु ईंधन और हथियारों के निर्यात से ही जुड़े थे। लेकिन, उत्तर कोरिया पर इनका कोई असर न पड़ने पर पिछले पांच सालों में इन्हें और सख्त कर दिया था। फिलहाल स्थिति यह है कि ये प्रतिबंध रोजमर्रा की चीजों के निर्यात पर भी लगा दिए गए हैं।