जयपुर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वाइन फ्लू की पर्याप्त जांच सुविधा के साथ ही दवाइयों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसएमएस हास्पिटल में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से काउंटर स्थापित करने एवं बच्चों के उपचार के लिए सीरप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सर्राफ बुधवार को मध्यांह राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में स्वाइन फ्लू की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां व जांच के लिए आवष्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके साथ ही स्वाइन फ्लू रोगियों के संपर्क में आने वाले चिकित्सा कर्मियो को लगाने के लिए वेक्सीन की भी समुचित व्यवस्था है।

दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
सर्राफ ने प्रदेश के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वाइन फ्लू की दवा की उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की। उन्होने दवा विक्रेताओं के पास भी पर्याप्त मात्रा में स्वाइन फ्लू दवा की नियमित आपूर्ति पर नजर रखने के निर्देश दिए। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि दवा विक्रेता के पास स्वाइन फ्लू दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा वीनू गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों मे भी स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाऐं की गई है। चिकित्सा शिक्षा सचिव आनंद कुमार ने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन स्वाइन फ्लू के उपचार की गई व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।

राजस्थान मेडिकल सर्विसेज काॅरपोरेशन के एम.डी. महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि काॅरपोरेशन के पास इस समय स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए आवश्यक दवा आॅसेल्टामिविर कैप्सूल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इस समय 75 एमजी के 5 लाख एवं बच्चों के लिए 30 एमजी के 4 लाख आॅसेल्टामिविर कैप्सूल उपलब्ध है साथ ही बच्चों के उपचार के लिए 15 हजार सीरप भी उपलब्ध है। उन्होने बताया कि जे.के.लोन में बच्चों के उपचार के लिए सीरप भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवा दिया गया है। वरिष्ठ चिकित्सको ने बताया कि बच्चों के स्वाइन फ्लू उपचार के लिए सीरप नही होने की स्थिति में कैप्सूल को घोलकर पिलाया जा सकता है।

मिशिगन वायरस से डरने की जरूरत नहीं
चिकित्सा मंत्री में विशेषज्ञ चिकित्सकों से विचार विमर्श के बाद बताया कि स्वाइन फ्लू का वायरस हर दो तीन वर्ष बाद अपना स्ट्रेन बदलता है उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के मिषिगन वायरस से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि लक्षण प्रतीत होते ही उपचार कि जरूरत है। एसएमएस के प्रोफेसर डाॅ. सी.एल. नवल ने बताया कि स्वाइन फ्लू का केलिफोर्निया स्ट्रेन की तुलना में इस वर्ष मिषिगन वायरस चिन्ह्ति हुआ है।

उन्होने बताया कि इस वायरस के लिये वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं प्रभावी भी है। उन्होने स्पष्ट किया कि स्वाइन फ्लू के मिषिगन वायरस के उपचार में भी वही दवा कारगर है, जो कैलिफोर्निया स्ट्रेन में कारगर थी। समीक्षा बैठक में निदेषक जन-स्वास्थ्य डाॅ. वी.के. माथुर, एसएमएस के प्रिसिपल डाॅ. यू.एस. अग्रवाल व अधीक्षक डाॅ.डी.एस.मीणा. जेकेलोन अधीक्षक डाॅ. अशोक गुप्ता सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।