टेक डेस्क, सोशल मीडिया फेसबुक पर नए यूजर्स ने जब अकाउंट बनाना शुरू किया तो उनसे आधार की जानकारी मांगी गई। फेसबुक पर फंरीज अकाउंट को रोकने के लिए फेसबुक ने यह टेस्टिंग शुरू की थी। फेसबुक ने इस मामले के सुलाझाने की कोशिश करते हुए सफाई देना शुरू किया है। फेसबुक ने भारत में अपने नए यूजर्स को फेसबुक से आधार कार्ड लिंक करने का मैसेज जारी किया था।

लेकिन, अब फेसबुक इस मामले में सफाई दे रहा है। फेसबुक ने ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से कहा है कि फेसबुक किसी से भी आधार की जामकारी नहीं मांग रहा है। केवल यह एक सलाह थी कि यूजर्स आधार में जो नाम है उसी अपनी आईडी बनाएं। इससे सभी को जानकारी रहेगी कि आईडी किस व्यक्ति की है यह एक टेस्ट प्रक्रिया थी, जो अब पूरी हो चुकी है। फिलहाल इसे विस्तार देने की कोई योजना नहीं है।

इतना ही नहीं, फेसबुक बार-बार यह सफाई भी पेश कर रहा है कि साइन-अप प्रक्रिया में फेसबुक का इस्तेमाल कोई प्रमाणीकरण नहीं था। कंपनी ने इंटरफेस को भी चेंज किया है। हालांकि, सोशल नेटवर्किंग साइट ने इस टेस्ट के बारे में और ज्यादा सूचना साझा नहीं की है। फेसबुक की तरफ से यह भी कहा गया है कि कंपनी शुरुआती कवरेज में उदाहरण के लिए आइडेंटिफिकेशन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर रही थी।

ताकि शिक्षित यूजर को साइन-अप के दौरान वास्तविक नाम के फायदे बताए जा सकें। कंपनी ने यह भी कहा कि यह वैकल्पिक है। लोगों को आधार वाले नाम को देने की जरूरत नही है। बता दें कि फेसबुक अपनी रियल नेम पॉलिसी के जरिए लंबे समय से फेक और डुप्लीकेट एकाउंट की समस्या को दूर करने के लिए प्रयासरत है। यह टेस्ट भी उसी का एक हिस्सा है।