नई दिल्ली:सभी को आश्चर्य में डालते हुए संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 46 वर्षीय हेली का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. एक बिरले कदम के तहत उन्होंने ओवल ऑफिस में हेली के इस्तीफे की घोषणा की और उनके काम की तारीफ की. ट्रंप ने आनन-फानन में बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं यह (ओवल ऑफिस विदाई) करना चाहता था क्योंकि संयुक्त राष्ट्र में राजदूत निक्की हेली मेरे लिए खास रही हैं. उन्होंने असाधारण कार्य किया है. वह बहुत ही अच्छी शख्सियत और महत्वपूर्ण हैं. लेकिन वह ऐसी भी हैं जो अपनी बात मनवा लेती हैं.

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उन्होंने करीब छह महीने पहले कहा था, ‘‘मैं थोड़ा अवकाश लेना चाहती हूं’.’’ ट्रंप की उदारवादी रिपब्लिकन समझी जाने वाली हेली ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने से इनकार किया और कहा कि अब वह अगले दो साल तक ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति चुने जाने के अभियान में जुट जाएंगी.

UN में अमेरिकी राजदूत के रूप में निकी हेली के नाम पर मंजूरी, ट्रंप की रह चुकी हैं आलोचक

किसी राष्ट्रपति के मंत्रिमंडल में पहली भारतीय अमेरिकी हेली ने कहा कि इस पद पर सेवा देना उनके जीवन में एक बड़ा सम्मान है. पंजाब के भारतीय प्रवासियों की संतान हेली ने कहा कि दक्षिण कैरोलिना की गर्वनर के रूप में छह साल समेत आठ साल के व्यस्त जीवन के बाद वह कुछ अवकाश लेना चाहती हैं.अमेरिकी सीनेट ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की अगली राजदूत के रूप में निकी हेली के नाम पर मुहर लगाई थी. जो अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति के प्रशासन में केबिनेट रैंक का पद हासिल करने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई थी. 45 वर्षीय हेली ऐसी पहली भारतीय-अमेरिकी थी जो राष्ट्रपति प्रशासन में केबिनेट स्तर के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थी.

 हेली के एक प्रवक्ता ने बताया कि पर्दों को खरीदने की योजना 2016 में ओबामा प्रशासन के दौरान की ही थी

संयुक्त राष्ट्र में समांथा पावर की जगह लेने वाली हेली पहले भी इतिहास रच चुकी थी वह किसी अमेरिकी राज्य की पहली भारतीय-अमेरिकी महिला गवर्नर थी. बॉबी जिंदल के बाद, वह दूसरी ऐसी भारतीय-अमेरिकी हैं, जिन्हें किसी राज्य का गवर्नर चुना गया था. हेली का स्थान लेफ्टिनेंट गवर्नर हेनरी मैकमास्टर ने लिया था.