न्यूयॉर्क:न्यूयॉर्क (New York) पूरी दुनिया के लिए कोरोना वायरस (Cronavirus) का नया केंद्र बन गया है. यहां वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. मंगलवार को कोरोना वायरस के नए मरीजों में बढ़त देखी गई. प्रशासन हॉस्पिटल में बेडों की संख्या बढ़ाने जा रहा है. उधर विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कहा गया है कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए कोरोना वायरस का नया केंद्र बन गया है.

न्यूयॉर्क की आबादी करीब 80 लाख है. पिछले दिनों यहां कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से 157 मौतें हुई हैं. यहां संक्रमण के करीब 15 हजार मामले दर्ज किए गए हैं. ये पूरे अमेरिका में हुए कोरोना वायरस के संक्रमण का एक तिहाई है. न्यूयॉर्क में ट्रैवल पर प्रतिबंध और सामाजिक तौर पर अलग थलग रहने के निर्देश के बाद भी संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.

सेहत की कीमत पर अर्थव्यवस्था संभालने का फैसला सही नहीं
रॉयटर के हवाले से न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्यू क्यूमो ने कहा है कि अगर आप किसी अमेरिकी से पूछेंगे कि पब्लिक हेल्थ और इकोनॉमी में आप किसे चुनेंगे तो कोई अमेरिकी ये नहीं कहेगा कि वो सेहत की कीमत पर अर्थव्यवस्था को गति देना चाहता है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि वो अमेरिका की इकोनॉमी को अप्रैल मध्य तक दोबारा से खोल देंगे. उनका कहना था कि लॉक डाउन की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और बिजनेसक को खासा नुकसान पहुंचा है और इसे जल्दी समेटे जाने की जरूरत है.

न्यूयॉर्क में कम पड़ने वाले हैं हॉस्पिटल के बेड
विश्व स्वास्थय संगठन की तरफ से कहा गया है कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए कोरोना वायरस का नया केंद्र बन सकता है. वहां संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और उन पर काबू नहीं पाया जा सका है.
बताया जा रहा है कि न्यूयॉर्क में कोरोना वायरस का कहर बढ़ने के बाद कम से कम 1 लाख 40 हजार हॉस्पिटल बेड की जरूरत पड़ेगी. पिछले दिनों एक लाख 10 हजार बेड की आवश्यकता बताई गई थी. मौजूदा वक्त में न्यूयॉर्क में हॉस्पिटल के सिर्फ 53 हजार बेड उपलब्ध हैं.

न्यूयॉर्क में हर तीसरे दिन संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी हो जा रही है. ये कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद सबसे खराब दौर है. न्यूयॉर्क के गवर्नर की तरफ से कहा गया है कि 14 से 21 दिनों में हालात बेकाबू होने वाले हैं. हेल्थ सर्विस पर अत्यधिक दवाब होगा.

अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने के बाद अब तक संक्रमण के 50 हजार मामले सामने चुके हैं. संक्रमण की वजह से करीब 640 लोगों की मौत हो चुकी है.