नई दिल्ली, फ्रांस ने भारत के साथ सामरिक साझेदारी को नयी गति देने की जरूरत पर बल दिया है। भारत की यात्रा पर आये फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के बाद कहा, दोनों देशों के बीच सामरिक भागीदारी महत्वपूर्ण है। इससे पहले दोनों नेताओं की मौजूदगी में रक्षा, शिक्षा और आव्रजन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।

उन्होंने कहा कि फ्रांस चाहता है कि भारत उसका बड़ा सामरिक साझीदार बनें क्योंकि दोनों देशों का एक ही दृष्टिकोण है। दोनों देशों का अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी साझा लक्ष्य है और दोनों ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी मिलकर काम करना चाहते हैं। दोनों देशों की सभ्यताओं के बीच संबंधों के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बात का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाए जाने की जरूरत है। भारत वर्ष 2020 में फ्रांस में होने वाले पुस्तक मेले में अतिथि के रूप में हिस्सा लेगा।

मैक्रों ने कहा कि सौर ऊर्जा के साथ साथ दोनों देश जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी मिल कर काम कर सकते हैं। कार्बन उत्सर्जन रोकने की दिशा में कदम उठाना जरूरी है। रक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर उन्होंने कहा कि दीर्घावधि की परियोजनाएं दोनों पक्षों के लिए परस्पर लाभकारी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस वैश्विक शांति के लिए प्रतिबद्ध है और भारत तथा फ्रांस अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से मिलकर लड़ने की दिशा में काम करेंगे।