इस्लामाबाद. पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने  आज पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी। उन्हें संविधान की धारा 62 (1)(एफ) के तहत अयोग्य करार दिया। इसके बाद वे कोई भी सार्वजनिक पद पर नहीं रह पाएंगे। बता दें कि पनामा पेपर लीक मामले में नवाज का नाम आने के बाद सुप्रीम कोर्टने पिछले साल 28 जुलाई को उन्हें दोषी पाया था। और उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। जिसके बाद नवाज को इस्तीफा देना पड़ा था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, "अगर किसी शख्स को संविधान की धारा 62 (1)(एफ) के तहत अयोग्य करार दिया गया है, तो वह सार्वजनिक पद पर भी नहीं रह पाएगा।"

फरवरी में पार्टी प्रमुख पद से देना पड़ा था इस्तीफा

- सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में पनामा पेपर लीक मामले की सुनवाई करते वक्त कहा था- "संविधान के तहत अयोग्य व्यक्ति किसी भी राजनीतिक पार्टी के पद पर रहने के योग्य नहीं है।"  इसके बाद नवाज को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा।

- पनामा केस में सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को शरीफ को पीएम पद के अयोग्य घोषित करार दिया था। इसके बाद नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने 8 सितंबर को इस्लामाबाद की कोर्ट में शरीफ, उनके परिवार के सदस्यों और फाइनेंस मिनिस्टर इशाक डार के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के 3 केस दर्ज किए थे।
पिछले साल ब्रिटेन से लीक हुए टैक्स डॉक्युमेंट्स बताते हैं कि कैसे दुनियाभर के 140 नेताओं और सैकड़ों सेलिब्रिटीज ने टैक्स हैवन कंट्रीज में पैसा इन्वेस्ट किया। इनमें नवाज शरीफ का भी नाम शामिल है। इन सेलिब्रिटीज ने शैडो कंपनियां, ट्रस्ट और कॉरपोरेशन बनाए और इनके जरिए टैक्स बचाया।

- लीक हुए डॉक्युमेंट्स खासतौर पर पनामा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और बहामास में हुए इन्वेस्टमेंट के बारे में बताते हैं। सवालों के घेरे में आए लोगों ने इन देशों में इन्वेस्टमेंट इसलिए किया, क्योंकि यहां टैक्स रूल्स काफी आसान हैं और क्लाइंट की आइडेंडिटी का खुलासा नहीं किया जाता। पनामा में ऐसी 3.50 लाख से ज्यादा सीक्रेट इंटरनेशनल बिजनेस कंपनियां हैं।