नई दिल्ली, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यूपी के मदरसों को लेकर योगी सरकार द्वारा जारी फरमान पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने आपत्ति जाहिर की है। मौलवियों का कहना है कि राष्ट्रगान गाना और वीडियो रिकॉर्डिंग करना इस्लाम के खिलाफ है। आपको बता दें कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यूपी के सभी मदरसों में 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया जाए। इस दौरान राष्ट्रगान को अनिवार्य रूप से गाया जाए और इसकी वीडियो कवरेज भी कराई जाए।

यूपी के मदरसों में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रगान गाने और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करवाने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के अगले दिन ही कई मौलवियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि वह स्वतंत्रता दिवस को देशभक्ति के दिन के रूप में मनायें, लेकिन राष्ट्रगान गाने और वीडियो रिकॉर्डिंग करने से बचें। मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि राष्ट्रगान गाना और वीडियो रिकॉर्डिंग करना इस्लाम के खिलाफ है।

राष्ट्रगान पर आपत्ति जाहिर कर चुके हैं राजस्थान के राज्यपाल
बरेली शहर के काजी मौलाना असजद रजा खान ने कहा कि रविंद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान ब्रिटिश किंग जॉर्ज पंचम की प्रशंसा में लिखा था। उन्होंने कहा कि इस्लाम के मुताबिक हमारा 'अधिनायक' अल्लाह हैं नाकि किंग जॉर्ज। असजद खान ने कहा कि हम राष्ट्रगान का अपमान नहीं करते हैं लेकिन अपनी धार्मिक भावनाओं के चलते इसे गा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह भी राष्ट्रगान पर आपत्ति जाहिर कर चुके हैं। गौरतलब है कि साल 2015 में राजस्थान यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान कल्याण सिंह ने कहा था कि रविंद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान में 'अधिनायक जय हे' लिखकर अंग्रेजी शासक की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि इसे 'जन गण मन मंगल गाए' से बदल देना चाहिए।

फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी गैर-इस्लामिक
काजी खान ने कहा कि शरीयत के मुताबिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी गैर-इस्लामिक है। योगी सरकार के आदेश को लेकर उन्होंने कहा कि वह हमें मदरसों में ही शरियत कानून की अवहेलना करने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने मदरसों से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वे झंडा फहराएं, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान गाएं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करें।