नई दिल्‍ली. कांग्रेस (Congress) के अध्‍यक्ष पद को लेकर आवाज उठाने वाले पार्टी के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) की बीजेपी (BJP) से बढ़ती नकजीदियों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. राज्‍यसभा में कार्यकाल पूरा करने वाले गुलाम नबी आजाद को लेकर जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भावुक हुए थे, उसके बाद से बीजेपी और आजाद की नजदीकियों को लेकर कई खबरें आईं थीं. इन सबके बीच शनिवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसके बाद चर्चाओं को बाजार गर्म हो गया. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (Ministry of Minority Affairs) की ओर से आयोजित 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' मुशायरे में मोदी सरकार आजाद का रेड कारपेट वेलकम करती दिखी.

बता दें कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' मुशायरे के जरिए आत्मनिर्भर भारत के रास्ते पर बढ़ रहे हिंदुस्तान के अहसास को बयां करने की पहल की गई. इस मुशायरे में बीजेपी के दो मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी शिरकत की. डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में गुलाम नबी आजाद के पोस्‍टर लगाए गए थे. यह पहला मौका था जब मोदी सरकार के किसी कार्यक्रम में किसी कांग्रेस नेता के पोस्‍टर दिखाई दिए.

अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ ही कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को बैठा देखकर हर कोई हैरान था. बता दें कि डॉ. जितेंद्र सिंह और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद दोनों ही जम्मू-कश्मीर से आते हैं. पिछले एक महीने में ये दूसरा मौका था जब मोदी सरकार में गुलाम नबी आजाद को लेकर एक बदला हुआ रूप दिखाई दिया.

बता दें कि राजीव गांधी के बेहद वफादार रहे गुलाम नबी आजाद को इस बार कांग्रेस ने राज्यसभा नहीं भेजा है. राज्‍यसभा में विपक्ष के नेता रहे गुलाम नबी आजाद की जगह मल्लिकार्जुन खड़गे को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की कमान सौंपी गई है