वाशिंगटन, नासा का कासिनी अंतरिक्ष यान शनि ग्रह के अपने अभियान के अंतिम पड़ाव में है। अपनी 20 साल की ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में कासिनी 113,000 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से वलयाकार ग्रह की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि कासिनी शनिग्रह की सीमा में प्रवेश करने जा रहा है जो शनि ग्रह के उपग्रहों - विशेषकर एनसेलाडस की सतह पर मौजूद उन सागर एवं हाइड्रोथर्मल गतिविधियों के संकेतों को सुनिश्चित करेगा, जो अब तक भविष्य की खोज से दूर दुनिया के वैज्ञानिकों की नजरों से अनछुए थे। मिशन के ग्रैंड फिनाले के तहत अंतरिक्ष यान की यह अंतिम यात्रा 15 सितंबर को पूरी होगी। अब तक कोई अंतिरक्ष यान इससे पहले इस ग्रह के इतना करीब नहीं पहुंचा था।

मिशन की अंतिम गणनाओं में अनुमान है कि ग्रह के अनुमानित वायुमंडल से करीब 1,915 किलोमीटर ऊपर की ऊंचाई पर पहुंचने के एक मिनट बाद अंतिरक्ष यान कासिनी के साथ संपर्क टूट जाएगा। ग्रह के वायुमंडल में गोता लगाने के दौरान यान की गति करीब 113,000 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। अमेरिका में नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) में कासिनी प्रोजेक्ट मैनेजर अर्ल मेज ने कहा कि अंतरिक्ष यान का अंतिम संकेत किसी प्रतिध्वनि के समान होगा और यह कासिनी के स्वयं जाने के बाद समूची सौर प्रणाली में करीब डेढ़ घंटा के लिये प्रसारित होगा। मेज ने कहा कि हम यह जानते हैं कि कासिनी की यह अंतिम यात्रा है, क्योंकि कासिनी पहले ही अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच गया है। हालांकि उसकी यात्रा हकीकत में हमारे लिए खत्म नहीं हुई है क्योंकि हमें अब तक उससे संकेत मिल रहे हैं। कासिनी से अंतिम संचार ऑस्ट्रेलिया में नासा के डीप स्पेस नेटवर्क कांप्लेक्स में एंटीना को प्राप्त होगा।