इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट निलंबित कर दिए गए हैं। पाकिस्तान सरकार के आंतरिक मंत्रालय ने 1 जून को ही इससे जुड़ा एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि विशेष अदालत के 8 मार्च के फैसले के आधार पर मुशर्रफ का पासपोर्ट और पहचान पत्र रद्द कर दिया जाना चाहिए। अब इस आदेश के लागू हो जाने के बाद दुबई में रह रहे मुशर्रफ विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही उनके बैंक खाते भी फ्रीज हो जाएंगे। बता दें कि 2007 में संविधान को पलटकर राष्ट्रपति शासन लगाने को लेकर उन पर देशद्रोह का मामला चल रहा है।

क्या है पूरा मामला?
- मुशर्रफ ने 2007 में पाकिस्तान में इमरजेंसी का ऐलान किया था, इसके चलते देश के कई बड़े जजों को उनके घरों में ही कैद कर दिया गया था। इसके अलावा 100 से भी ज्यादा जजों को उनके पद से हटा दिया गया था।

- 2013 में सत्ता पर काबिज होने के बाद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पहली बार जून में संसद को मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दायर करने के बारे में सूचित किया था।

कोर्ट घोषित कर चुका है भगोड़ा
- मुशर्रफ 2014 में राजद्रोह के मामले में दोषी पाए गए थे। इसके बाद से ही उन पर पाक की विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है।

- 2016 में सुनवाई के दौरान ही मुशर्रफ इलाज के लिए दुबई चले गए थे। इसके कुछ महीने बाद ही अदालत ने उन्हें घोषित भगोड़ा करार देते हुए उनकी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दे दिया था।

दुबई में नहीं ठहर सकेंगे मुशर्रफ
- पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, पाक के राष्ट्रीय डाटा बेस एवं पंजीयन प्राधिकरण (एनएडीआरए) ने मुशर्रफ के राष्ट्रीय पहचान पत्र को रद्द कर दिया है। इसके चलते उनका पासपोर्ट अपने आप रद्द हो गया है।

- रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अब जब मुशर्रफ का पहचान पत्र और पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया है, ऐसे में वे ना तो विदेश यात्रा कर पाएंगे और ना ही बैंकिंग से जुड़े लेनदेन भी कर पाएंगे। साथ ही दुबई में भी उनका ठहरना भी गैरकानूनी हो जाएगा।