नई दिल्ली:देश की जनसंख्या को नियंत्रित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।125 सांसदों ने देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की है।बीजेपी समेत टीडीपी, शिवसेना और अन्य दलों के सांसदों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर जनसंख्या नियंत्रण पर सख्त कानून बनाने की मांग की है।जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए इन सांसदों ने एक ड्राफ्ट तैयार किया है।जिसे राष्ट्रपति को सौंप दिया है।शुक्रवार को सांसदों ने राष्ट्रपति से जनसंख्या नियंत्रण कानून के मुद्दे को लेकर मुलाकात की थी। बीजेपी सांसद संजीव बालियान, उदय प्रताप सिंह, लक्ष्मण यादव, मीनाक्षी लेखी, शिवसेना के अरविंद सावंत, टीडीपी के रामबाबू नायडू और जयदेव गल्ला, सुरेश अंगड़ी, आनंदराव अद्सुल, किरीट सोलंकी, निशिकांत दुबे, भोला सिंह समेत 125 सांसदों ने एक साथ हस्ताक्षर कर जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की।देश के 125 सांसदों ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट भी एक NGO के साथ मिलकर तैयार किया है।

इस ड्राफ्ट की मुख्य बातें-:

1. यह कानून जाति, धर्म से ऊपर उठकर हो और देश के सभी नागरिकों पर लागू हो।

2. दो बच्चों के बाद तीसरे बच्चे पर दंडात्मक कार्रवाई जैविक माता पिता पर हो।

3. तीसरा बच्चा पैदा करने वालों की सब्सिडी बंद हो, सरकारी अनुदान समाप्त हो।

4. देश में सिर्फ 2 बच्चों की नीति लागू हो।

5. तीसरा बच्चा पैदा करने वाले माता पिता को सरकारी नौकरी ना मिले।

6. तीसरा बच्चा पैदा करने वालों को आजीवन मताधिकार से वंचित किया जाए।

7. चौथे बच्चा पैदा करने वालों पर इन सजाओं के साथ साथ 10 साल की जेल का प्रावधान हो।

संजीव बालियान ने कहा कि देश में अब आबादी विस्फोटक स्थिति में आ चुकी है।तत्काल सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहिए।ये दल से ऊपर का मामला है।सभी दलों को इसके साथ आना चाहिए। हम सभी 125 सांसदों ने एक ड्राफ्ट तैयार कर राष्ट्रपति को सौंपा है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाया जाए। जो लोग इस कानून का उल्लंघन करें उन पर सज़ा और जुर्माने का प्रावधान किया जाए।संसद में हम लोग रोज़ इस मुद्दे को उठा रहे हैं।

मध्यप्रदेश के होशांगाबाद से बीजेपी सांसद उदयप्रताप सिंह इस मुहिम को लीड कर रहे हैं। उदयप्रताप ने कहा कि सख्त नियमों के साथ जनसंख्या नियंत्रण कानून आना चाहिए। शिवसेना, टीडीपी, बीजेपी और अन्य दलों के सांसद हमारे साथ हैं।ये पार्टी लाईन से ऊपर उठकर मामला है।उदयप्रताप के साथ मध्यप्रदेश के 2 और सांसदों का इंटरव्यू है।