सिंगापुर:सिंगापुर (Singapore) के प्रवासी मजदूरों में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) काफी तेजी से फ़ैल रहा है. सिंगापुर में संक्रमण (Covid-19) के अभी तक 18000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 18 लोगों की इससे मौत भी हो चुकी है. सिंगापुर में भारत के राजदूत जावेद अशरफ ने सोमवार को बताया कि कुल संक्रमितों में से करीब 4800 से ज्यादा भारतीय (Indians) हैं. इसमें से ज्यादातर कामगार और मजदूर हैं जो तंग डोरमेट्रीज और हॉस्टल्स में रह रहे थे.

इससे पहले सिंगापुर ने भारतीयों समेत विदेशी कामगारों के लिए घरों में रहने की अवधि शुक्रवार को 18 मई तक के लिए बढ़ा दी थी. सिंगापुर में संक्रमित लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी शामिल हैं जिनमें से ज्यादातर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अन्य दक्षिण एशियाई देशों के लोग हैं. सिंगापुर के श्रमशक्ति मंत्रालय के मुताबिक निर्माण क्षेत्र में एस पास धारक (सभी विदेशियों) और कामकाज संबंधी परमिट वाले लोगों के लिए अनिवार्य रूप से घरों में रहने का आदेश 18 मई तक दो हफ्तों के लिए और बढ़ा दिया गया है. इससे पहले यह नोटिस चार मई तक के लिए था जिसे अब बढ़ाकर 18 मई तक के लिए कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर फ़ैल रही है नफरत
सिंगापुर के एक वरिष्ठ मंत्री ने शनिवार को कहा कि जानबूझ कर गुस्सा, नाराजगी और नस्ली तनाव पैदा करने के लिये सोशल मीडिया पर कथित तौर पर 'भारतीयों का अपमान करने' वाले यहां के एक नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. चैनल न्यूज एशिया की खबर के मुताबिक ट्विटर पर @शैरोनलीव86 नाम के एक व्यक्ति ने दक्षिण एशियाई मूल के लोगों का उल्लेख करने के लिये अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. उसने ट्वीट किया कि कोविड-19 महामारी के बीच, एक दूसरे के करीब बैठेने वाले लोग मलय, भारतीय या विदेशी हैं, ना कि सच्चा सिंगापुरी.

इस घटनाक्रम पर कानून एवं गृह मंत्री के. शनमुगम ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि पुलिस ने जांच की है और उसका पता लगा लिया है वह महिला नहीं है और चीन का रहने वाला भी नहीं है. मंत्री ने कहा कि कुछ हफ्ते पहले शैरनलीव @शैरनलीव86 द्वारा किये गये पोस्ट में भारतीयों के बारे में एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया गया था. इस शब्द को तमिल मूल के लोगों के लिये अपमानजनक माना जाता है. मंत्री ने कहा, 'यह टिप्पणी जानबूझ कर गुस्सा, नाराजगी, नस्ली तनाव पैदा करने के लिये की गई. कड़ी कार्रवाई की जाएगी.'

सिंगापुर सरकार कर रही है ज़रूरी कोशिशें
सिंगापुर सरकार कोविड​​-19 से संक्रमित उन प्रवासी कर्मचारियों के लिए, सबसे अधिक प्रभावित स्थानों पर सामुदायिक देखभाल केंद्र स्थापित कर रही है, जिनकी हालत ठीक हो गई है या उनमें हल्के लक्षण हैं. सिंगापुर स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जांच में संक्रमण की पुष्टि के तुरंत बाद मरीजों को दूर के किसी अस्पताल में ले जाने के बजाय इंटर-एजेंसी टास्क फोर्स द्वारा स्थापित सामुदायिक देखभाल सुविधा केंद्र (सीसीएफ) में ले जाया जाएगा. विदेशी श्रमिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए बड़े स्थानों पर सीसीएफ तैयार किए जा रहे हैं.

इसी तरह से सामुदायिक आरोग्य केंद्र (सीआरएफ) की स्थापना ऐसे रोगियों की देखभाल के लिए की जाएगी, जो अब संक्रमणमुक्त हो कर सीसीएफ से बाहर निकल चुके हैं. इंटर-एजेंसी टास्क फोर्स ने एक बयान में कहा, 'कर्मचारियों के ठीक होने के बाद, हमारा उद्देश्य उन्हें स्वस्थ रहने में मदद करना है और उन्हें काम करने में सक्षम बनाना है ताकि जब उनके नियोक्ता अपने कामकाज शुरू करेंगे तो उसके लिए कर्मचारी उपलब्ध रहें .' स्वास्थ्य मंत्री गन किम योंग ने कहा कि कई उपायों को लागू करने से स्थिति में कुछ सुधार हुआ है.