स्पीति जिले का ठोलंग गांव प्रदेश भर के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनता जा रहा है. दरअसल, इस छोटे से गांव ने अब तक 110 से ज्यादा आईएसएस, आईपीएस, आईआरएस, डॉक्टर, इंजीनियर, हिमाचल सिविल सर्विसिज और सिविल सेवा के कई महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारी देने का काम किया है.

अगर कहा जाए कि इस गांव में अधिकारियों की पैदावार होती है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. अमरनाथ विद्यार्थी हिमाचल सरकार के सेवानिवृत चीफ सेक्रेटरी व शाम सिंह कपूर जम्मू कश्मीर राज्य सेवानिवृत चीफ सेक्रेटरी इसी ठोलंग गांव से संबंध रखते हैं.

जिला मुख्यालय केलांग से महज दस किलोमीटर दूर इस गांव की जनसंख्या मात्र 300 है और तकरीबन हर घर से कोई न कोई अधिकारी है. इस गांव से तीन आईएएस, दो आईपीएस, 7 आईआरएस, 14 एमबीबीएस, 16 इंजीनियर्स,  5 पीएचडी, 6आर्मी ऑफिसर हैं. 37 शिक्षा विभाग में, एक फिल्म उद्योग में, 3 फैशन डिजाईनिंग के क्षेत्र में हैं. वहीं 2 पायलट, 2 वेटरीनरी डॉक्टर ,3 आयुर्वेदिक डाक्टर, दो हिमाचल सिविल सर्विसेज, एक डिप्टी डारेक्टर उद्यान विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

गांव के लगभग हर बच्चे की तमन्ना अधिकारी बनने की हैँ. गांव का बच्चा-बच्चा डीएम बनना चाहता हैं.

ठोलंग गांव निवासी सुरेश कुमार ने इस गांव से जुडे अफसरों के इतिहास के बारें में बताया लाहौल-स्पीति का पहला आईएएस अमर नाथ विद्यार्थी हैं जो बाद में हिमाचल सरकार के चीफ सेक्रटरी के पद से सेवा निवृत हुए जबकि दूसरे आईएएस शाम सिंह कपूर हैं, जो बाद में जम्मू कश्मीर राज्य के चीफ सेक्रेटरी पद से रिटायर हुए हैं.

वहीं लाहौल-स्पीति का पहला एमबीबीएस डॉक्टर प्रेम चन्द भी ठोलंग गांव से सम्बन्ध रखते थे.जो बाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू से सेवानिवृत हुए.