जीएटसी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों के लिए सिंगल रिटर्न की व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया। मंथली सिंगल रिटर्न की व्यवस्था 6 महीने में लागू हो जाएगी, जिसके बाद कारोबारियों को तीन रिटर्न भरने से राहत मिलेगी। आज हुई काउंसिल की बैठक में चीनी पर सेस लगाने और डिजिटल पेमेंट पर टैक्स में छूट के प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो पाया। हालांकि, फिलहाल चीनी पर सेस नहीं लगाया जाएगा। दोनों मामले राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह को सौंप दिए गए हैं। जीएसटी 27वीं बैठक में जीएसटी नेटवर्क को सरकारी कंपनी बनाने पर भी फैसला लिया गया है। इसके तहत 50% हिस्सेदारी केंद्र के पास और 50% हिस्सेदारी संयुक्त रूप से राज्यों के पास रहेगी।

मंथली सिंगल रिटर्न पर बनी सहमति

- वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिटर्न प्रकिया आसान बनाने पर महत्वपूर्ण फैसला हुआ। वित्त सचिव हसमुख अढ़िया ने बताया कि सिंगल मंथली रिटर्न फाइलिंग की व्यवस्था 6 महीने में लागू हो जाएगी। इससे जीएसटी के दायरे में आने वाले करोड़ों कारोबारियों को राहत मिलेगी। फिलहाल व्यापारियों को हर महीने तीन रिटर्न दाखिल करने पड़ते हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है।

डिजिटल पेमेंट पर छूट को लेकर भी सहमति नहीं

- डिजिटल पेमेंट पर 2% की छूट के प्रस्ताव पर भी सहमति नहीं बन पाई। मामला 5 सदस्यीय मंत्री समूह को सौंपने का फैसला हुआ है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि ज्यादातर राज्य डिजिटल या फिर चेक से भुगतान करने पर 2% टैक्स छूट के समर्थन में हैं लेकिन कुछ राज्यों को छोटी-मोटी आपत्तियां हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वालों को टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव ग्राहक और दुकानदार दोनों के लिए है।

सरकारी कंपनी बनेगी जीएसटीएन

- जीएसटी नेटवर्क को पूरी तरह सरकारी कंपनी बनाने का भी फैसला हुआ है। इसके तहत 50% हिस्सा केंद्र के पास वहीं 50% संयुक्त रूप से राज्यों के पास रहेगा। फिलहाल केंद्र और राज्यों के पास 49% हिस्सा है। बाकी 51% हिस्सा निजी वित्तीय कंपनियों एचडीएफसी लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एनएसई स्ट्रेटजिक इन्वेस्टमेंट कंपनी और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के पास है।

वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए हुई बैठक

- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जीएसटी काउंसिल की मीटिंग की अध्यक्षता की। बैठक में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हुए। किडनी इंफेक्शन की वजह से वित्त मंत्री जेटली को डॉक्टर्स ने ज्यादास लोगों के संपर्क में नहीं आने की सलाह दी है, इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने बैठक की।