काठमांडू, प्रधानमंत्री नेपाल के दो दिन के दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने मुक्तिनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। आज वे पशुपतिनाथ मंदिर भी जाएंगे। शुक्रवार को मोदी ने जनकपुर मंदिर में मां सीता की पूजा की थी। साथ ही उन्होंने जनकपुर-अयोध्या बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। 4 साल में मोदी का यह तीसरा नेपाल दौरा है। पिछले महीने ही नेपाल के प्रधानमंत्री अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत आए थे।

क्यों खास है मुक्तिधाम?
- नेपाल के मस्तांग जिले की थोरांग ला पहाड़ियों के बीच मुक्तिनाथ धाम 3,710 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
- मुक्तिनाथ धाम को सभी पापों का नाश करने वाला तीर्थ माना जाता है।
- यहां भगवान विष्णु को भी वृंदा के शाप से मुक्ति मिली थी। जलंधर दैत्य की मृत्यु के लिए विष्णु ने उसकी पत्नी वृंदा का सतीत्व भंग किया था। वृंदा ने विष्णु को कीट हो जाने का शाप दे दिया।
- इसके बाद भगवान विष्णु यहां शालिग्राम रूप में रहे और उन्हें मुक्तिनाथ धाम में शाप से मुक्ति मिली।
- हिंदू धर्म के अलावा मुक्तिनाथ धाम का बौद्ध धर्म में भी काफी महत्व है।

नेपाल के बिना राम अधूरे
- मोदी ने जनकपुर में कहा, "नेपाल के बिना भारत की आस्था भी अधूरी है। नेपाल के बिना भारत का विश्वास अधूरा है इतिहास अधूरा है। नेपाल के बिना हमारे धाम अधूरे, नेपाल के बिना हमारे राम भी अधूरे।"
- मोदी ने कहा, "आप के नेपाल और भारत के संबंध राजनीति, कूटनीति, समर नीति से परे देवनीति से बंधे हैं। ये समय हमें मिलकर संस्कार, शिक्षा, शांति, सुरक्षा और समृद्धि की पंचवटी की रक्षा करने का है।" 
- "भारत और नेपाल ने हर संकट की घड़ी मे एक दूसरे का साथ दिया है। नेपाल हमारी नेबरहुड फर्स्ट पालिसी में सबसे आगे आता है। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो नेपाल भी तेजी से विकास कर रहा है।"
- "विकास की पहली शर्त होती है लोकतंत्र। मुझे खुशी है कि लोकतांत्रिक प्रणाली को आप महत्व दे रहे हैं। आज से दस साल पहले नेपाल के जवानों ने बुलेट छोड़ बैलट का रास्ता चुना। बुद्ध के रास्ते को चुनने के लिए भी मैं नेपाल को बधाई देता हूं।"

- "जैसे मैं यहां बार- बार आता हूं वैसे ही दोनों देशों के लोग भी बेरोकटोक आते जाते रहने चाहिए। हम तराई के खेत-खलिहानों से जुड़े हैं। सैकड़ों कच्चे पक्के रास्तों से जुड़े हैं और खुली सीमाओं से भी जुड़े हैं। हमें हाईवे से जुड़ना है। हमें इन्फार्मेशन वे, हमें ट्रांस वे से भी जुड़ना है। हमें रेलवे से भी जुड़ना है। हमें जलमार्गों से भी जुड़ना है। हमें हवाई रास्तों से भी जुड़ना है।"


3 पूर्व राष्ट्रपति भी कर चुके हैं जनकपुर मंदिर में पूजा
- भारत और नेपाल के प्रधानमंत्री रामायण सर्किट के रूट पर प्रस्तावित बस सेवा की शुरुआत की। यह सेवा जनकपुर को अयोध्या से जोड़ेगी। मोदी सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के 13 सर्किट में इसे शामिल किया गया है। 
- नरेंद्र मोदी जनकपुर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री है। जानकी मंदिर के पुजारी राम तपेश्वर दास वैष्णव ने बताया कि मोदी से पहले भारत के राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्‌डी, ज्ञानी जैल सिंह और प्रणब मुखर्जी मां सीता के मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।