जयपुर: चारदीवारी में अंडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू होने से पांच साल से अस्त-व्यस्त ट्रैफिक से अब जल्द निजात मिलेगी। छोटी-बड़ी चौपड़ स्टेशन की खुदाई के बाद स्ट्रेक्चर निर्माण, पटरी और 25 हजार वॉल्ट की लाइन डलने के बाद दो दिन पहले की गई इंटरनल ट्रायल में पास हो गई है।

सरकार आचार संहिता से पहले औपचारिक इनॉग्रेशन करेगी
सरकार इंटरनल ट्रायल पास होने के बाद आचार संहिता से पहले इसका औपचारिक इनॉग्रेशन करेगी। इसके बाद छोटी चौपड़ से बडी चौपड़ के बीच पटरियां बिछने, बिजली लगने का काम शुरू किया जाएगा। दोनों स्टेशनों की फिनिशिंग होने के बाद छोटी चौपड़ से बडी चौपड़ के बीच इंटरनल ट्रायल की जाएगी।

ट्रायल सफल होने के बाद  कमिश्नर फॉर रेलवे सेफ्टी मुंबई के द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद सुधार के बाद लोगों के लिए मैट्रो खोली जाएगी। इस प्रक्रिया में मेट्रो प्रशासन के अनुसार करीब 6 माह लग जाएंगे।

जयपुर में मानसरोवर से चांदपोल के बाद अब चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक मेट्रो जल्द ही दौड़ती दिखाई देने की उम्मीद है। चांदपोल से छोटी चौपड़ स्टेशन के बीच गुपचुप तरीके से दो दिन पहले मेट्रो का ट्रायल किया गया। इसकी जानकारी गुरुवार को सामने आई।

मेट्रो को 10 की स्पीड पर चलाया गया। ऐसे में दोनों स्टेशनों के बीच की एक किमी की दूरी 10 मिनट में तय हुई। मेट्रो के परिचालन एवं प्रणाली निदेशक जीएस भंवरियां ने बताया कि यह इंटरनल ट्रायल सफल रही।

छोटी चौपड़ पर प्लेट फार्म की फिनिशिंग के हिसाब से जायजा लिया गया। अभी सिग्नल नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में सिग्नल लगने के बाद फिर से  ट्रायल किया जाएगा। इसमें करीब तीन माह लगेंगे। दूसरी ओर, सरकार जल्द ही मेट्रो के इसका उद्‌घाटन कर सकती है।