जयपुर, लाखों रुपए का प्रलोभन देने के साथ ही झांड-फूंक का सहारा लेने के बाद भी जब परिजन ममता और अमित को अलग नहीं करवाया पाए तो उसे मौत के घाट उतारना की उचित समझा। करणी विहार थाना इलाके में ऑनर किलिंग के मामले में अब तक की पुलिस जांच में यह बात सामने आई है। ममता के परिजनों ने उसे अमित से दूर करने के लिए दो साल में करीब एक दर्जन तरीके अपनाए, लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। यहां तक कि अमित व ममता को एक दूसरे के खिलाफ भडक़ाने में भी कोई कमी नहीं रखी। दामाद को गोलियों से भूनकर हत्या करने के मामले में फिलहाल पुलिस हत्यारे ससुर, सास व दो अन्य लोगों को नहीं पकड़ पाई है।

लालच भी जुदा नहीं कर पाया दोनों को

ममता के घरवालों ने अमित को मोटी रकम व प्लांट देने का लालच भी दिया। इसके अलावा अमित व ममता पर कई प्रकार के दबाव डाले गए और उन्हें डराया-धमकाया भी गया। यहां तक की काले जादू का भी सहारा लिया गया। परिजनों ने अमित के घर पर एक साधू महाराज को भेजा, जिसने वहां पर कई तांत्रिक क्रियाएं भी की थी। परिजनों ने अमित व ममता में कई बार झगड़ा भी करवाने की कोशिश की। लेकिन उनका प्यार बढ़ता चला गया। जब ममता गर्भवती हुई तो परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने अमित को मारने की ठान ली। इसके लिए ममता के परिजनों ने करीब तीन माह पूर्व कुछ बदमाश भी अमित के पीछे लगा दिए थे ताकि वे उसे डराने धमकाने के बाद नहीं मानने पर उसे मौत के घाट उतार सकें।