नई दिल्ली, नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी दानवों तथा पापियों का नाश करने वाली हैं। इस दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित रहता है। योग साधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। मां कात्यायनी की उपासना से आज्ञा चक्र जाग्रति की सिद्धियां साधक को स्वयंमेव प्राप्त हो जाती हैं। साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित होने पर उसे सहजभाव से मां कात्यायनी के दर्शन प्राप्त होते हैं। इनकी पूजा अर्चना करने से भक्त के सभी संकटों का नाश होता है। भक्त के भीतर अद्भुत शक्ति का संचार होता है। इसलिए कहा जाता है कि इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है।

मां कात्यायनी को प्रसन्न करने का मंत्र:-

चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥