आज 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण है। लगभग 1 घंटे 43 मिनट तक रहने वाला ये ग्रहण पूरे भारत में आसानी से देखा जा सकेगा। इसे किसी उपकरण से देखने की आवश्कता नहीं होगी। भारतीय समय अनुसार पूर्ण चंद्र ग्रहण की शुरुआत 27 जुलाई को रात 11 बजकर 54 मिनट 02 दो सेकेंड पर होगी और यह चंद्र ग्रहण 28 जुलाई को सुबह 3:49 बजे खत्म हो जाएगा।
इस दिन गुरू पूर्णिमा होने के कारण पूजा ग्रहण के सूतक काल लगने से पहले कर लेनी चाहिए। चंद्र ग्रहण से पहले सूतक 9 घंटे पूर्व दोपहर 2:54 बजे से शुरू हो जाएगा।

ग्रहण रात 11:54 से शुरू होकर रात 3:49 बजे समाप्त होगा।

वैसे तो अलग-अलग राशियों पर इसका अलग तरह से असर होगा लेकिन चूंकि इस दिन नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, लिहाजा कुछ खास सावधानियां बरती जानी चाहिए। चंद्र ग्रहण के समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें-

ग्रहण के सूतक तथा ग्रहण काल में हमें स्वयं के कल्याणकारी इच्छाओं के पूर्ति के लिए स्नान, ध्यान, दान, मन्त्र, स्तोत्र-पाठ, मंत्रसिद्धि, तीर्थस्नान, हवन-कीर्तन इत्यादि कार्यो का सम्पादन करना चाहिए।ग्रहण के समय भोजन नहीं करना चाहिए। इस समय भोजन करने से अनेक प्रकार के व्याधियों से ग्रसित हो सकते है। यही कारण ग्रहणकाल में भोजन करना निषेध है उस समय घर में रखा हुआ खाना या पेय पदार्थ पुनः उपयोग करने लायक नहीं होता है।

ग्रहण या सूतक से पहले ही यदि सभी खाद्य पदार्थों में तुलसी रख देने से भोजन दूषित नहीं होता है और आप फिर से इसको उपयोग में ला सकते है।

सूतक एवं ग्रहण काल में झूठ, कपट, डींग हांकना आदि कुविचारों से परहेज करना चाहिए।

ग्रहण काल में मन तथा बुद्धि पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचने के लिए जप, ध्यान करना उपयोगी माना जाता है।

ग्रहण काल में व्यक्ति को मूर्ति स्पर्श, नाख़ून काटना, बाल काटना अथवा कटवाना, निद्रा, मैथुन आदि कार्य नहीं करना चाहिए।

इस समय बच्चे, वृद्ध, गर्भवती महिला, एवं रोगी को यथानुकूल खाना अथवा दवा लेने में कोई दोष नहीं लगता है।

ग्रहण काल में शरीर, मन तथा बुद्धि में सामंजस्य बनाए रखना चाहिए। मनमाने आचरण से मानसिक तथा बौद्धिक विकार के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य का भी क्षय होता है