लखनऊ:कोरोना (COVID-19) काल में बहुतों के घर टूटे, बहुतों में मनमुटाव पनपा लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिनके घर बस गए. हम उन लोगों की बात नहीं कर रहे हैं, जिनकी इस दरम्यान शादी हुई बल्कि हम उनकी बात कर रहे हैं, जिनकी शादी लॉकडाउन (Lockdown) से पहले हुई और नौबत तलाक (Divorce) तक जा पहुंची. कोर्ट में केस चल रहा था कि लॉकडाउन हो गया और इसके बाद रिश्तों जमी बर्फ पिघलनी शुरू हुई. लॉकडाउन में एक-दूजे को समझने का मौका मिला और नतीजा ये हुआ कि अनलॉक के ऐलान तक तलाक की बात काफूर हो गई और अब दोनों एक हो गए.

घरों में बिजली की तरह गिरने वाले कोरोना ने लखनऊ की रिया और आगरा के हिमांशु की जिंदगी में उजाला भर दिया है. लॉकडाउन न होता तो दोनों में तलाक हो गया होता लेकिन, बहुतों की खुशी छीन लेने वाले इसी लॉकडाउन ने उनकी जिन्दगी रंगों से भर दी. लॉकडाउन से ऐन पहले फेमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी देने वाले हिमांशु और रिया ने अदालत में जज के सामने जाकर कहा कि उन्हें तलाक नहीं साथ चाहिए. और बस, जज साहब ने मिठाई खिलाकर दोनों को विदा किया.

पहली शादी रिया ने खुद तोड़ी

कहानी थोड़ी लम्बी जरूर है लेकिन इसमें पहाड़ी रास्तों से भी ज्यादा मोड़ हैं. मसला शुरू हुआ 3 साल पहले 2017 में. तब रिया भाटिया के घरवालों ने कानपुर में उसकी शादी तय की. वैसे तो सब ठीक था लेकिन, शादी की तारीख नजदीक आते-आते रिया के मन में कुछ खटकने लगा. उसे ऐसा लगा कि लड़के के घरवाले उसकी फेमिली को ओछा समझ रहे हैं. दिल की बात जुबान पर आती तब तक शादी की तारीख आ गई. 25 नवम्बर 2017 की बात याद करते हुए रिया कहती हैं कि जयमाल भी हो गया था. तब तक उनमें साहस नहीं आ पाया था लेकिन, मण्डप में कदम रखते ही जैसे कोई विस्फोट हो गया.
इसके बाद हिमांशु आए जीवन में

रिया ने बताया कि मैंने मण्डप से ही वापस लौटने का फैसला लिया. मेरे फेवर की बात ये हुई कि मेरे घरवाले मेरे साथ रहे. रिया की पहली शादी होने से पहले ही टूट चुकी थी. कानपुर से लखनऊ तो लौट आये लेकिन, रिया के पिता के मन को ये बात कचोट रही थी. उन्होंने उन पुराने लड़कों की कुण्डली खंगालनी शुरु कर दी, जिससे रिया की शादी की बात कभी चलायी गयी थी. उन्होंने आगरा के हिमांशु से बात की. शादी के लिए हिमांशु तैयार हो गया लेकिन, मामला ये फंस गया कि मेंटल ट्रॉमा से गुजर रही रिया ने अभी शादी करने से इनकार कर दिया.
 

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फिर एक साथ हुए लखनऊ की रिया और आगरा के हिमांशु (Photo: File Photo)

फरवरी, 2018 में हुई शादी

रिया और हिमांशु के घरवालों ने रिया को समझाने की कोशिश की. आखिरकार वो राजी हो गई. पहली शादी टूटने के ढ़ाई महीने बाद हिमांशु से 23 फरवरी 2018 को शादी हो गई. रिया ससुराल विदा हो गई. घरवालों को लगा चलो घर बस गया लेकिन किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था. रिया ने शादी से पहले ही हिमांशु को बता दिया था कि भले ही वह शादी कर रही है लेकिन, उसकी मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह घर बसा सके. हिमांशु ने भी उसे साथ देने का भरोसा दिया.

शादी के बाद से ही दोनों अलग-अलग रहने लगे

ससुराल में अलग-अलग रहने के कुछ दिनों बाद रिया लखनऊ आ गई और अपने ब्यूटी पार्लर में बिजी हो गई. दूसरी तरफ आगरा के एक फाइनेंस कम्पनी में काम करने वाला हिमांशु भी बिजी हो गया. समय बीतता गया और इसी के साथ संबंधों का रंग भी फीका पड़ता गया. दोनों के बीच इस अलगाव को दो साल बीत चुके थे. दोनों के बीच कुछ ऐसा रिश्ता हो गया था जैसे शादी थी भी और नहीं भी.

आखिरकार तलाक लेने का किया फैसला

रिया और हिमांशु के अलावा बाकी सभी उनके रिश्ते से बोर होते जा रहे थे. दोनों के घरवालों पर बोझ बढ़ता जा रहा था. उन्हें लगा ये दोनों एक दूसरे के लिए नहीं बने हैं. फैसला हुआ तलाक लेने का. दोनों को लखनऊ की फेमिली कोर्ट में बुलाया गया और तलाक की अर्जी डाली गई. हिमांशु बताते हैं कि 13 मार्च 2020 को तलाक की अर्जी डालने से पहले हम दोनों करीब घण्टे भर गाड़ी में बैठकर रोये थे. मजबूर थे इसलिए तलाक की अर्जी डाल दी.

लॉकडाउन में आए करीब

सुनवाई के लिए कोर्ट ने 6 महीने बाद 14 सितम्बर की तारीख तय की. इसी बीच 22 मार्च को लॉकडाउन हो गया और सबकुछ ठप हो गया. देश में सन्नाटा पसरा था लेकिन, इसी सन्नाटे ने रिया और हिमांशु को करीब आने का मौका दिया. लॉकडाउन इनकी जिंदगी का सबसे अनोखा टर्निंग प्वाइंट बना. लॉकडाउन के कारण रिया का ब्यूटी पार्लर बंद था और हिमांशु को कंपनी ने घर से काम करने को (वर्क फ्रॉम होम) कह दिया था. दोनों के बीच बातचीत तो होती ही थी. लिहाजा हिमांशु लखनऊ में रिया के पास चला आया और उसी के साथ रहने लगा.

जज से बोले- तलाक नहीं चाहिए

शादी के बाद पहली बार दोनों के बीच इतनी नजदीकी थी. संबंधों का रंग फीके से गहरा होता चला गया लेकिन, संकट बरकरार था. इस बात की संकट की अदालत में पड़ी तलाक की पिटीशन का क्या किया जाये? इसी उलझन में दोनों की जिंदगी बीत रही थी. अचानक दोनों ने फैसला किया वो अब सिर्फ अपने दिल की सुनेंगे. जिस दिन तलाक की अर्जी पड़ी थी उससे सात महीने बाद उसी 13 तारीख को (13 अक्टूबर) दोनों ने कोर्ट में जज साहब के पास पहुंचकर अपनी बात रखी. वो तलाक नहीं साथ चाहते हैं.

और हो गया केस डिसमिस

जज ने फाइल मंगायी और तलाक की पिटीशन को डिसमिस कर दिया. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि दोनों के ही परिवार वालों को ये बात पता नहीं है कि ऐसा हो गया है. अब दोनों एक हैं. रिया ने कहा कि हिमांशु जल्द ही आगरा से लखनऊ शिफ्ट हो जाएंगे. वो दोनों अब परिवार से दूर अलग गृहस्थी बसाएंगे. फैमिली कोर्ट में पिछले 30-35 सालों से मामलों को देख रहे एडवोकेट पदमकीर्ति ने कहा कि उनके जीवन में ऐसा कोई उदाहरण पहले नहीं आया था. जहां कोरोना में लोगों में डिप्रेशन बढ़ रहा है और दूरी भी, वहीं रिया और हिमांशु का उदाहरण हमारे लिए नयी प्रेरणा है कि यदि प्रेम हो तो तोड़े नहीं टूटता