उदयपुर:नहाने के बाद आम रस पीना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इससे आप तो क्या भगवान भी बीमार पड़ सकते हैं. जेठ पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ ने पहले तो 108 घड़ों के पानी से स्नान किया औऱ फिर आम रस का सेवन भी कर लिया. इसके बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ गए. बीमारी ठीक करने के लिए भगवान को काढ़ा पिलाया जा रहा है. जूस दिया जा रहा है और फल का भोग लगाया जा रहा है.

ये कहानी है उदयपुर के पास भगवान जगन्नाथ धाम की. बीमार पड़ने के बाद भगवान फिलहाल आराम कर रहे हैं. 15 दिन आराम करने के बाद भगवान अब 13 जुलाई को स्वस्थ होकर गर्भगृह से बाहर निकलेंगे. इस दौरान मंदिर में आने वाले भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर पा रहे. भक्त भगवान के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. जगन्नाथ धाम के पुजारी गोपाल वैष्णव ने बताया कि 13 जुलाई को पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होने के बाद भगवान अपने भक्तों को दर्शन देंगे. इस दिन मंदिर में छप्पन भोग उत्सव होगा और अगले दिन भगवान अपने भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे.

भक्तों के लिए बीमार पड़ते हैं भगवान

मंदिर के पदाधिकारी सीएम सिंह के मुताबिक दरअसल जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर ही उदयपुर के जगन्नाथ धाम में भी भगवान के विश्राम की परंपरा को बखूबी निभाया जाता है. सिंह बताते हैं कि भक्त सही मार्ग पर चलें इसके लिए भगवान अनादि काल से कई लीलाए करते आए हैं. भगवान बीमार कैसे पड़े इसमें संदेश है. साथ ही बीमार पड़ने पर ठीक होने के लिए काढ़े का सेवन भी एक संदेश देता है. इस लीला से भगवान भक्तों को बीमारी के दौरान इलाज करवाने के लिए जागरूक करते हैं ताकि भक्त स्वस्थ हो कर सुखमय जीवन का आनन्द ले सकें.