उदयपुर:राजस्थान (Rajasthan) में भले ही लॉकडाउन (Lockdown) 4.0 के तहत बाजारों में छूट का असर नजर आने लगा हैं, लेकिन उदयपुर (Udaipur) में अभी भी बंदिशें जारी हैं. उदयपुर में जिला कलेक्टर द्वारा स्पष्ट कर दिया गया हैं कि लॉकडाउन 2 की बंदिशें लगातार जारी रहेंगी. इसका प्रमुख कारण उदयपुर में मरीजों की संख्या में हो रहा इजाफा है. उदयपुर में अब तक कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढकर 411 हो चुकी है, जो प्रशासन के लिये भी परेशानी बढ़ा रही है. उदयपुर में जिला प्रशासन द्वारा सख्ती बरकरार रखी जा रही है. इसी सख्ती के तहत लॉकडाउन के नये चरण में सभी छूट को निरस्त रखा गया है.

पिछले दस दिनों में उदयपुर में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ते ही 400 के पार हो गई. प्रशासन द्वारा जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिससे पॉजीटिव केस भी सामने आने लगे. मुख्य रूप से उदयपुर में तीन सौं से ज्यादा पॉजीटिव मामले कांजी का हाटा और उससे जुड़े हुए ही हैं, लेकिन अन्य इलाकों में भी अब संक्रमण फैल रहा है. वहीं प्रवासियों में भी पॉजीटिव लोग पाये जा रहे हैं. उदयपुर में मंगलवार को कुल 10 नये पॉजीटिव केस सामने आये जिसमें तीन प्रवासी शामिल थे.

21 प्रवासी संक्रमित
उदयपुर में अब तक 21 प्रवासी संक्रमित पाये गये हैं तो वहीं कांजी का हाटा से भी आज 2 नये मामले सामने आये. यही नहीं मल्लातलाई में तीन, पंचरत्न कॉम्पलेक्स में एक, एकलिंगपुरा में एक संक्रमित मरीज सामने आया जो पुर्व में संक्रमित पाये गये लोगों के क्लोज कॉंटेक्ट में थे. उदयपुर में शहर के दस थाना क्षेत्रों में से नौ थानों क्षेत्र के चिह्नित भाग में कर्फ्यू है. इनमें घंटाघर और धानमंडी दो ऐसे थाना क्षेत्र है, जहां पूरे थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया गया है. यही नहीं सुरजपोल के भी तीस से ज्यादा मोहल्ले इसकी जद में हैं. इन क्षेत्रों में ग्रामीण अंचल भी अब नहीं बच रहे हैं. सलुंबर, गोगुन्दा, कुराबड, मेनार, भींडर के समीप के गॉंवों में भी संक्रमित मरीज सामने आने से सख्ती बरती जा रही है.

नहीं बढ़ेगा छूट का दायरा

उदयपुर में पिछले दस दिनों से ही हालात बिगड़े हैं. ऐसे में यहां छूट का दायरा अभी नहीं बढ़ेगा. उदयपुर में जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया हैं कि करीब एक सप्ताह तक स्थिति पर नजर रखी जायेगी और उसके बाद यदि संक्रमित मरीजों के ट्रेंड में सुधार होता है तो आने वाले समय में अन्य छूट पर विचार किया जायेगा. उदयपुर में आज भी सड़कों पर सख्ती बरती जा रही है. अनावश्यक बाहर निकल रहे वाहनचालाकों के चालान बनाये जा रहे हैं तो वहीं शहर के अधिकांश चौराहों को बेरिकेटिंग कर ब्लॉक किया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही कम हो सके.