नई दिल्ली, क्या आप जानते हैं भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में पहला शतक किसने लगाया था। नहीं तो हम बताते है कि टीम इंडिया की ओर से पहला शतक ऑलराउंडर लाला अमरनाथ ने अपने पदार्पण मैच में ही 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ लगाया था। इस मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 21 चौकों की सहायता से 118 रन की शतकीय पारी खेली थी। यह उनके टेस्ट कॅरियर का एकमात्र शतक है। उन्होंने पहली पारी में 38 रन का योगदान दिया। हालांकि मैच में भारत को इंग्लैंड से नौ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।

स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान लाला अमरनाथ का आज ही के दिन यानी 11 सितंबर, 1911 को पंजाब के कपूरथला में जन्म हुआ था। बहुमुखी प्रतिभा के धनी लाला ने एक ऑलराउंडर के रूप में भारतीय टीम में विशेष पहचान बनाई थी। भारतीय क्रिकेट में राजसी वर्चस्व को चुनौती देने के कारण लाला अमरनाथ को 12 साल तक टेस्ट टीम से बाहर रहना पड़ा था। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को 1936 में इंग्लैंड दौरे पर कप्तान विजियानगरम के महाराज कुमार ने अनुशासनहीनता के कारण भारत वापस भेज दिया था। इसके बाद भी लाला ने हार नहीं मानते हुए राष्ट्रीय टीम में वापसी की।

लाला अमरनाथ के बारे में एक रोचक बात यह है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन को हिट विकेट आउट किया था। लाला अमरनाथ ने 24 टेस्ट में 24.38 की औसत से 878 रन बनाए थे। उन्होंने अपने कॅरियर में 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाए थे। वहीं अपने अन्तरराष्ट्रीय टेस्ट कॅरियर में 45 विकेट भी चटकाए। उनका टेस्ट क्रिकेट में बेस्ट प्रदर्शन 96 रन पर पांच विकेट रहा है।

उन्होंने 186 प्रथम श्रेणी मैचों में 10426 रन भी बनाए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 262 है। उन्होंने 31 शतक और 39 अर्धशतक लगाए थे। इसके साथ ही उन्होंने 463 विकेट भी अपने नाम किए थे। प्रथम श्रेणी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 27 रन पर सात विकेट था। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तो उन्होंने विकेटकीपर की जिम्मेदारी भी निभाई थी। उन्होंने दो बल्लेबाजों को स्टम्प किया था। वहीं उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में 13 और प्रथम श्रेणी में 96 कैच भी लपके।

लाला अमरनाथ से विरासत में मिले क्रिकेट खेल को उनके बेटों सुरेन्द्र, मोहिन्द और राजेन्द्र ने भी आगे बढ़ाया। मोहिन्द अमरनाथ ने भी अपने पिता के नक्शेकदम पर ऑलराउंडर के रूम में भारतीय टीम में पहचान बनाई। उन्होंने भारत को पहली बार 1983 में विश्वकप जीतवाने में महत्वूपर्ण भूमिका निभाई थी। वह फाइनल में मैन ऑफ द मैच रहे थे। वहीं सुरेन्द्र ने अपने पिता की तरह ही पदार्पण मैच में शतक लगाया था। लाला अमरनाथ ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 1952 में कोलकता में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। लाला अमरनाथ का देहांत 88 वर्ष की उम्र में 5 अगस्त, 2000 को दिल्ली में हुआ था।