नई दिल्ली:कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी एक बार फिर से अपने बयान के कारण चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले फंड में हो रही देरी पर मीडिया के सवालों से चिढ़कर कहा, मैं पैसे पेड़ पर नहीं उगा सकता।  वर्ल्ड ट्राइबल डे के मौके पर बेंगलुरु में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, मुझे बार बार इस बात का दोषी ठहराया जा रहा है कि मैंने किसानों के लोन माफ करने और शादी भाग्य जैसी योजनाओं के लिए फंड आवंटित नहीं किया। मैं उन लोगों को बता देना चाहता हूं कि मैं पैसे पेड़ पर नहीं उगा सकता। गौरतलब है कि उनका ये बयान तब आया है, जब एक आरटीआई के हवाले से कहा गया है कि उनके शपथ ग्रहण के समारोह पर सरकार ने 42 लाख रुपए खर्च कर दिए।

 कुमारस्वामी ने कहा, 'इसके लिए कुछ नियम होते है, जिनका पालन करना होता है। मुझे फंड आवंटित करने से पहले अधिकारियों को भरोसा दिलाना है। इन कमियों के बाद हमें उन्हें फंड जारी करने के लिए मनाना होगा।' हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए सभी योजनाएं बिना बाधा के जारी रहेंगी।

49 हजार करोड़ की लोन माफी होनी है
कुमारस्वामी ने कहा, किसानों का 49 हजार करोड़ रुपए का लोन माफ किया जाना है। मैं इसके लिए रास्ते तलाश रहा हूं। लेकिन इसके लिए लोगों को थोड़ा संयम रखना होगा और दूसरे मामलों पर ध्यान देने के लिए समय देना होगा।' कुमारस्वामी ने उन सभी रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने कांग्रेस की पिछली योजनाओं के लिए दिए जाने वाले फंड में कमी कर दी है। उन्होंने कहा, मैंने कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई गई किसी भी योजना के लिए फंड में कोई कमी नहीं की है।

42 लाख रुपए खर्च किए अपने शपथ ग्रहण समारोह पर
कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह अपने खर्च के लिए फिर से चर्चा में आ गया है। एक आरटीआई के मुताबिक, 7 मिनट के शपथ ग्रहण समारोह पर कर्नाटक सरकार ने 42 लाख रुपये खर्च कर डाले। शपथ ग्रहण में सबसे ज्यादा खर्च आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू पर किया गया। इस फेहरिस्त में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का भी नाम है।