कोटा:शहर में बिजली कम्पनी KEDL को लेकर विरोध बढता जा रहा है और शुक्रवार को विरोध में कोटा शहर में बंद बुलाया गया है। 'KEDL भगाओ कोटा बचाओ' संघर्ष समिति ने बंद का आव्हान किया था। बंद को कोटा व्यापार महासंघ से लेकर शहर के सभी निजी शिक्षण संस्थानों समेत 150 संगठनों ने अपना समर्थन दिया है और कोटा पूरी तरह से बंद नजर आ रहा है।

स्मार्ट मीटर से शहर परेशान
शहर में बिजली कम्पनी की तरफ से लगाए गए स्मार्ट मीटर का नतीजा है की स्मार्ट सिटी कोटा बंद है। लोगों का विरोध है की स्मार्ट मीटर जो लग चुके है उन्हें हटाया जाए। स्मार्ट मीटर से शहर का हर शख्स हर तबका परेशान है। जिसे लेकर लम्बे समय से विरोध भी चल रहा है लेकिन फिर भी कोई हल नहीं निकला। विरोध का कोई असर नहीं हुआ तो बिजली कम्पनी का विरोध कर रही केईडीएल भगाओ कोटा बचाओ संगर्ष समिति ने अंतत कोटा बंद बुलाया।

बंद है शहर के 600 स्कूल
कोटा के निजी शिक्षण संस्थानों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है। कोटा के कोचिंग, स्कूल और कॉलेज भी बंद में शामिल हुए हैं। ऐसे में करीब 600 निजी स्कूल है जो पूरी तरह बंद हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में छुट्टी नहीं होने के बाद भी बंद के चलते बच्चे नहीं पहुंचे।

शहर के बाजारों में सन्नाटा
व्यापार महासंघ ने कोटा बंद में अपना समर्थन दिया है तो शहर का हर बाजार बंद रखा गया है शहर के बाजार आज बंद के दौरान सुनसान नजर आ रहे हैं।

बंद के दौरान कई जगह हंगामा
बंद को सफल बनाने के लिए यूथ कांग्रेस और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़को पर उतरे। ऐसे में यूथ कांग्रेस के कार्यकताओं ने बिजली कम्पनी केईडीएल के बहार स्मार्ट मीटर जलाये जमकर कम्पनी के विरोध में नारेबाजी भी की। इस दौरान वहां मौजूद भारी पुलिस जाब्ते से यूथ कोंग्रेसी भिड़ गए। हालांकि, कुछ देर के तनाव के बाद हालात बाद सामान्य हो गए।

वहीं कोटा के संतोषी नगर इलाके में बंद के दौरान खुली एक कचौरी की दूकान को देख कोंग्रेसी भड़क गए। दुकानदार के साथ मारपीट की और उसका सामान सड़क पर फेंक दिया। इस दौरान शहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी मौजूद थे। जिनके साथ ये मामला हुआ। वहीं पुलिस भी मौके पर होने के बावजूद तमाशबीन बनी रही।

सरकार ने अपनी तरफ से कोशिश कर 5 में से चार मांगो पर जताई सहमति
गुरुवार को बिजली कम्पनी के इस विवाद को लेकर हल के लिए सरकार ने अपनी तरफ से बड़े फैसले लिए। कोटा में गुरुवार को एक मीटिंग में बुलाई गई व्यापार महासंघ ,केईडीएल,शहर के हॉस्टल संचालक और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजद थे। जिसमें फैसला लिया गया की शहर में अब स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। शहर के हर वार्ड में बिजली कंपनी 17 अगस्त से जनसुनवाई करेगी, जिसका शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इसमें उपभोक्ता ज्यादा बिल और स्मार्ट मीटर की शिकायत कर सकेगा। वहीं शहर में जेवीवीएनएल के अधिकारियों की टीम बना दी गई है, जो केईडीएल की मॉनिटरिंग करेंगी। साथ ही किसी भी पीजी और हॉस्टल से व्यवसायिक दर से बिजली का बिल नहीं लिया जाएगा। शहर में लगे सभी स्मार्ट मीटरों की शिकायत के बाद पेरेलल एक अन्य मीटर लगाया जाएगा। हालांकि व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आम जनता कि 5 में से 4 मांगे मान ली गई हैं। वहीं एक मांग जो स्मार्ट मीटर पूरी तरह हटाने की है उस पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है।